1 नवंबर को INDI गठबंधन की महारैली, रामलीला मैदान में शक्ति प्रदर्शन करेगी कांग्रेस
कांग्रेस 1 नवंबर को रामलीला मैदान में 'वोट चोरी' के खिलाफ महारैली आयोजित कर रही है, जिसका लक्ष्य मुख्य चुनाव ...और पढ़ें
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1 नवंबर को INDI गठबंधन की महारैली (फाइल फोटो- PTI)

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संजय मिश्र, नई दिल्ली । कांग्रेस रामलीला मैदान में एक नवंबर को वोट चोरी के खिलाफ होने वाली अपनी प्रस्तावित महारैली पर भाजपा के सियासी हमलों को इसकी कामयाबी का संकेत मान रही है।
इसी के मद्देनजर पार्टी ने महारैली में 10 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य घोषित किया है और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की लड़ाई को और आक्रामक बनाने का एलान किया है। रैली में भीड़ जुटाने के लिए दिल्ली के पड़ोसी राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और पंजाब को खास टारगेट दिया गया है।
पार्टी लोगों को जुटाने के लिए जहां राज्यों के नेताओं संग लगातार बैठकें कर रही है वहीं इसकी कामयाबी के लिए इसके पूर्व कुछ राजनीतिक कार्यक्रमों भी आयोजित किए जाएंगे।
इसमें 30 अक्टूबर को माक संसद बुलाने की योजना है जिसमें ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सांकेतिक 'महाभियोग प्रस्ताव' पारित करा विरोध की आवाज को अधिक मुखर बनाने की तैयारी है।
अशोक होटल में प्रस्तावित माक संसद में कांग्रेस के साथ ही विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए के सांसदों को भी बुलाया जाएगा।
विपक्षी दलों ने सितंबर के आखिर में वोट चोरी के खिलाफ बड़ी साझा लड़ाई का एलान किया था। रामलीला मैदान की रैली पांच सभाओं की शृंखला का पहला पड़ाव है। आईएनडीआईए का नेतृत्व कर रही कांग्रेस के लिए यह अपनी राजनीतिक क्षमता साबित करने का मौका भी है।
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की एनसीपी जैसे विपक्षी खेमे के मजबूत क्षेत्रीय दलों में कुछ अर्सें के दौरान हुई तोड़फोड़ के बाद विपक्षी राजनीति को ट्रैक पर रखने की कांग्रेस की जवाबदेही कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
इस रैली में विपक्षी गठबंधन में शामिल दलों के लगभग सभी दिग्गज नेता शामिल होंगे। ऐसे में कांग्रेस अपने सहयोगी दलों को अपनी राजनीतिक क्षमता का संदेश देने से शायद ही चूकेगी। बड़ी भीड़ जुटाने का एक उद्देश्य ज्ञानेश कुमार पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ाना भी है।
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल पिछले कई दिनों से राज्यों के नेताओं के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने हरियाणा और उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं।
उत्तर प्रदेश की बैठक में पार्टी सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं। हरियाणा के नेताओं को रैली में एक से डेढ़ लाख लोगों को लाने का लक्ष्य दिया गया। बैठक में शामिल उत्तर प्रदेश के पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि राज्य से 50 हजार लोगों को लाने का लक्ष्य मिला है और इसे पूरा किया जाएगा।
राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के अलावा बिहार, झारखंड, ओडिशा, बंगाल और दक्षिण तथा पश्चिम के राज्यों की कांग्रेस इकाइयों को भी लोगों को जुटाने का लक्ष्य सौंपा गया है।
वेणुगोपाल ने शनिवार को कांग्रेस सेवा दल के प्रमुख वीबी श्रीनिवास, महिला कांग्रेस प्रमुख अलका लांबा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब और एनएसयूआई प्रमुख विनोद जाखड़ के साथ बैठक की। इसमें रैली में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य दिया गया।
वेणुगोपाल ने कहा- "हमें उम्मीद है कि कम से कम 10 लाख नागरिक रामलीला मैदान में ज्ञानेश एंड कंपनी द्वारा अंजाम दिए गए ‘वोट चोरी’ के आपराधिक कृत्य के खिलाफ हमारे ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। इससे भारत के हर कोने में कड़ा संदेश जाएगा कि हम अपने लोकतंत्र की रक्षा करने और इन ‘वोट चोरों’ को सत्ता से बाहर करने के लिए एकजुट हैं।"
