'...और भी रहस्य सामने आ रहे हैं', बंगाल चुनाव पर नई रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर हेरफेर और धांधली का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग पर निशाना साधा है।
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ज्ञानेश कुमार और जयराम रमेश। (फाइल फोटो।)
HighLights
कांग्रेस ने बंगाल विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया।
जयराम रमेश ने चुनाव आयोग, पीएम, गृह मंत्री से जवाबदेही की मांग की।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद CEC के इस्तीफे की मांग तेज हुई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने मंगलवार को चुनाव आयोग पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर हेरफेर और धांधली करने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य दो चुनाव आयुक्तों से जवाबदेही की मांग की।
रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "भारत की चुनावी चूक से और भी रहस्य सामने आ रहे हैं। स्पष्ट रूप से पीएम-एचएम की रणनीति किसी भी कीमत पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों पर कब्जा करना और जीतना था। यह बड़े पैमाने पर हेरफेर और धांधली का एक टेक्स्ट बुक मामला था, जिसकी निगरानी सीईसी ने की थी। कठपुतली को निश्चित रूप से जाना होगा, लेकिन दो कठपुतली बनाने वालों को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।"
क्या है मामला?
रमेश की टिप्पणी एक मीडिया रिपोर्ट के बाद आई है जिसमें दावा किया गया है कि एसआईआर से संबंधित अपीलों की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल में नियुक्त एक दर्जन से अधिक न्यायाधिकरणों के न्यायाधीशों ने चुनाव आयोग के आईटी डिवीजन द्वारा बनाए गए एक डिजिटल पोर्टल में कमियों को चिह्नित किया था, जिसमें 27 लाख हटाए गए मतदाता भी शामिल थे।
एसआईआर प्रक्रिया पर व्यापक विवाद के बीच कांग्रेस चुनाव आयोग की तीखी आलोचना कर रही है। विपक्ष का ताजा हमला सुप्रीम कोर्ट के यह कहने के बाद आया है कि उसने फॉर्म 6 में किसी भी संशोधन को मंजूरी नहीं दी है, जो पात्र मतदाताओं द्वारा मतदाता सूची में शामिल होने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला आवेदन है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने कहा, ''हम सभी फैसलों की जांच करेंगे। यदि कोई निर्णय कानून के अनुरूप नहीं है, तो हम इसे रद कर देंगे। आप अदालत की शक्ति जानते हैं।''
पीठ ने यह भी कहा, ''फॉर्म 6 में किसी भी संशोधन को हमारे द्वारा मंजूरी नहीं दी गई है। जब रिकॉर्ड पेश किए जाएंगे तो हम देखना चाहेंगे कि इसे किसने संशोधित किया है।'' कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान फॉर्म 6 में बदलाव एकतरफा किए गए थे।
