2027 विधानसभा चुनावों से पहले संगठन में बडे़ बदलाव के मूड में कांग्रेस, आधे सचिवों की हो सकती है छुट्टी
कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी में है, जिसमें लगभग आधे निष्क्रिय सचिवों को हटाया जा सकता है।

संगठन में बडे़ बदलाव के मूड में कांग्रेस। (फाइल)
HighLights
कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी, आधे सचिव हटेंगे।
युवा चेहरों को मिलेगा मौका, राहुल गांधी ने की बैठक।
सचिवों को 15 दिन राज्यों में बिताने होंगे, मासिक रिपोर्ट।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड सहित पांच राज्यों में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस पार्टी अपने संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी में जुटी है। जिसमें वह बेहतर प्रदर्शन न कर पा रहे करीब आधे सचिवों की छुट्टी भी कर सकती है। इसकी जगह पार्टी कुछ युवा चेहरों को पार्टी से जोड़ने दिशा में आगे बढ़ रही है।
पार्टी ने पिछले दिनों इसे लेकर पार्टी के साथ लंबे समय से जुड़े दर्जनों लोगों का इंटरव्यू भी किया है। जिसमें उनसे काम- काज और पार्टी को मजबूत बनाने को लेकर सवाल पूछे गए है। पार्टी में मौजूदा समय में करीब 64 सचिव काम कर रहे है।
पार्टी के संगठन में बदलाव की इस हलचल के बीच मंगलवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने पार्टी सचिवों के साथ बैठक की है। साथ ही सभी से जिम्मेदारी संभालने के बाद पार्टी को सशक्त बनाने के लिए दिए गए काम-काज को लेकर जानकारी भी ली गई है।
सचिवों के काम-काज को लेकर ऑडिट
सूत्रों की मानें तो पार्टी ने इस बैठक से पहले सभी सचिवों के काम-काज को लेकर ऑडिट भी कराया है। जिसमें करीब आधे सचिव निष्क्रिय पाए गए है। ऐसे में पार्टी ने अब उनकी छुट्टी करने का मन बना लिया है। उनकी जगह नए सचिवों की तैनाती दी जा सकती है।
सचिवों को महीने में 15 दिन राज्यों में बिताने होंगे
पार्टी से जुड़े सूत्रों की मानें तो संगठन में होने वाले बदलाव के साथ ही कांग्रेस पार्टी अब ऐसे नेताओं को महत्व देने के मूड में है, जो जमीन पर काम करने और रिजल्ट देने वाले है। पार्टी का मानना है कि जब तक जमीन पर काम नहीं होगा, तब तक पार्टी को सशक्त करना मुश्किल होगा।
ऐसे में पार्टी अब सचिवों के लिए एक गाइडलाइन भी बनाने की तैयारी में है। जिसमें सचिवों को अपने प्रभार वाले राज्यों में महीने में कम से कम 15 दिन बिताने होंगे। साथ ही हर महीने अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट भी शीर्ष नेतृत्व को देना होगा।
सूत्रों की मानें तो इस बदलाव में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, महाराष्ट्र, ओडिशा जैसे राज्यों के युवा चेहरों को मौका मिल सकता है।
