जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भाजपा ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति के तहत धर्म को आतंकवाद से जोडऩे की राजनीति शुरू करने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने 'हिन्दू और भगवा आतंकवाद' का शब्द गढ़ा और जांच एजेंसियों पर दबाव डालकर इसे सही ठहराने की कोशिश की। उन्होंने इसके लिए कांग्रेस को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजु ने भाजपा के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि अब हम देख पा रहे हैैं कि अपने राजनीतिक उद्देश्य के लिए कांग्रेस ने किस तरह एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सबसे पहले दिसम्बर 2009 में भगवा या हिन्दू आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल किया था। 2010 में तत्कालीन गृहमंत्री पी. चिदम्बरम ने संसद में इस शब्द का इस्तेमाल कर इसपर मुहर लगाने की कोशिश की। बाद में वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मुंबई हमले के पीछे आरएसएस का हाथ साबित करने वाली किताब का विमोचन करते हुए हिंदू आतंकवाद शब्द को उछाला। जनवरी 2013 में तत्कालीन गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भी हिन्दू आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि कथित हिंदू आतंकवाद से जुड़े केस एनआइए को 2011 में जांच के लिए सौंपे गए थे। लेकिन जांच होने के पहले ही इस शब्द का इस्तेमाल किया जाने लगा था। बाद में एनआइए की जांच में तथ्यों को तोड़मरोड़ कर इसे सही साबित करने की कोशिश की गई।

सुधांशु त्रिवेदी के अनुसार कांग्रेस ने तिरंगे के एक रंग भगवा को आतंकवाद से जोड़कर देश के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया गया और इसके लिए उसे खेद प्रकट करना चाहिये। उन्होंने कहा कि इशरत मामले में ही अमेरिकी एजेंसी एफबीआइ से लेकर एनआइए तक की रिपोर्ट दबाकर उसे निर्दोष साबित करने की कोशिश की गई। इसके लिए अपने हलफनामे को भी बदल दिया। उनके अनुसार हलफनामा बदलने के लिए जिन दस्तावेजों को आधार बनाया गया था, बाद में उन्हें गायब भी कर दिया गया। उन्होंने वैश्विक आतंकवाद के इस दौर में कांग्रेस पर क्षुद्र राजनीतिक करने का आरोप लगाया।

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Posted By: Gunateet Ojha