कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के सांसद एवं रेल मंत्री मुकुल रॉय के कैबिनेट की अधिकांश बैठकों से गैरहाजिर रहने पर सवाल उठाते हुए पश्चिम बंगाल के कांग्रेस प्रमुख प्रदीप भट्टाचार्य ने शुक्रवार को राज्य की सत्ताधारी पार्टी को सलाह दी कि वह केंद्र सरकार की एक संवेदी घटक बने तथा उसके प्रतिनिधि रॉय को ईधन मूल्यवृद्धि जैसे फैसले लिए जाते समय उपस्थित रहना चाहिए।

भट्टाचार्य ने डीजल मूल्यवृद्धि पर कहा, 'हम सभी जानते है कि यह एक कड़ा फैसला है लेकिन कभी-कभी कड़े फैसले लेने की भी जरूरत पड़ती है। तृणमूल को राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास करने के बजाय केंद्र में हमारी घटक होने के नाते अधिक संवेदी बनने की जरूरत है।'

ज्ञात हो कि केंद्र सरकार एक दिन पूर्व डीजल के दाम में पांच रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर चुकी है और रियायती दर पर रसोई गैस सिलेंडर की उपलब्धता प्रति परिवार छह सिलेंडर प्रतिवर्ष तक सीमित कर दी है। भट्टाचार्य ने कहा, 'तृणमूल यदि केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की योजना बनाती है तो हम भी राज्य सरकार के गलत फैसलों और नीतियों के खिलाफ आंदोलन कर सकते है।'

तृणमूल के इस आरोप के बाबत पूछे जाने पर कि फैसले के बारे में उसे जानकारी नहीं दी गई, उन्होंने कहा, 'यह बकवास है। इस पार्टी का एक कैबिनेट मंत्री [मुकुल रॉय] कैबिनेट में है। सभी महत्वपूर्ण फैसले कैबिनेट में लिए जाते है। वह कैबिनेट की बैठक से हमेशा गैरहाजिर क्यों रहते है?'

डीजल की कीमतों में वृद्धि गुरुवार की मध्यरात्रि से प्रभावी हो गई। इससे नाराज तृणमूल कांग्रेस प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन [संप्रग] के शासन में जैसी जनविरोधी नीतियां लाई जा रही है, इससे बेहतर होता कि वह केंद्र सरकार से समर्थन वापस ले लेतीं तो शायद खुश रहतीं।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस