नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। चीनी सैनिकों की डोकलाम सीमा के निकट तैनाती कायम रहने पर कांग्रेस ने गहरी चिंता जताते हुए सरकार से मांग की है कि वह देश को हकीकत से रुबरू कराए। पार्टी ने कहा है कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की हुई बातचीत के बाद भी डोकलाम विवाद का पूरा समाधान नहीं निकलना सरकार की रणनीति पर सवाल खड़े करता है।

डोकलाम सीमा से लगे तिब्बत के चुंबी घाटी इलाके में चीनी सैनिकों के अभी पूरी तरह से नहीं हटने की खबरों पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता कपिल सिब्बल ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ की चुंबी वैली में चीनी सैनिकों की मौजूदगी के बयान का हवाला देते हुए सरकार से देश को हकीकत से अवगत कराने को कहा। साथ ही सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की चीन की बाहें फैलाने की चुनौती के लिए तैयार रहने की टिप्पणी का हवाला देते हुए भी सिब्बल ने कहा कि डोकलम सीमा से जो खबरें मिल रही है वह चिंताजनक है। क्योंकि इस सीमा से 10 किलोमीटर की दूरी पर चीन सड़कों का तेजी से निर्माण कर रहा है और इसके लिए उन्हीं उपकरणों का इस्तेमाल कर रहा है जिस पर भारत का एतराज रहा है। सिब्बल ने कहा कि इस गतिविधि के साथ चीनी सैनिकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी सामान्य नहीं है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मोदी-शी की ब्रिक्स बैठक के दौरान हुई वार्ता को लेकर काफी कुछ दावे किए गए। डोकलाम विवाद का हल निकलने पर भी सरकार ने कूटनीतिक कामयाबी की बातें कहीं। सिब्बल ने कहा कि इसके बाद भी चुंबी वैली से चीनी सैनिकों के नहीं हटने पर सरकार को यह बताना चाहिए कि मोदी-शी मुलाकात में क्या बातें हुई थी।

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