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'यही तो रणनीति थी', राहुल गांधी ने निर्मला सीतारमण को लिखा 'सीताराम' तो बचाव में उतरी कांग्रेस; BJP का उड़ाया मजाक

Published: Thu, 29 Oct 2026 02:51 PM (IST)

राहुल गांधी द्वारा निर्मला सीतारमण का नाम 'सीताराम' लिखने पर कांग्रेस ने भाजपा समर्थकों का मजाक उड़ाया है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी। (फाइल फोटो।)

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी। (फाइल फोटो।)

HighLights

  1. राहुल गांधी ने निर्मला सीतारमण को 'सीताराम' लिखा।

  2. कांग्रेस ने इसे 'टाइपो मार्केटिंग' रणनीति बताया।

  3. भाजपा समर्थकों पर कांग्रेस ने कसा तंज।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम की गलत स्पेलिंग को लेकर राहुल गांधी की सोशल मीडिया पोस्ट पर सवाल उठाने वाले बीजेपी समर्थकों पर कांग्रेस ने तंज कसा है। कांग्रेस ने कहा कि जानबूझकर की गई यह गलती लोगों का ध्यान खींचने की एक रणनीति थी।

एक्स पर एक पोस्ट में कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने राहुल गांधी की उस पोस्ट को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए भाजपा समर्थकों का धन्यवाद किया, जिसमें राहुल ने सरकार पर टाटा समूह को आपराधिक तरीके से बर्बाद करने का आरोप लगाया था।

'आपने तो राहुल गांधी की मदद कर दी'

कांग्रेस नेता ने कहा, "बीजेपी के मूर्ख लोग कितनी आसानी से झांसे में आ जाते हैं। कम्युनिकेशन में जानबूझकर गलत स्पेलिंग लिखना ध्यान खींचने की एक रणनीति होती है। इसे टाइपो मार्केटिंग कहते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "सीतारमण जी की स्पेलिंग की गलती को इतनी बेताबी से उजागर करके आपने राहुल जी के टाटा वाले ट्वीट को और ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में मदद की, इसके लिए धन्यवाद! हाहाहाहा!"

राहुल और निर्मला सीतारमण के बीच तीखी बहस

इससे पहले बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच एक्स पर तीखी बहस हुई। राहुल ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह टाटा समूह में चल रहे नेतृत्व विवाद के बीच इस समूह को आपराधिक तरीके से बर्बाद कर रही है।

राहुल ने आरोप लगाया कि किसी भी कारोबारी नेता में इस कथित दखलंदाजी के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं है। एक्स पर एक पोस्ट में कांग्रेस नेता ने कहा, "टाटा को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है और कोई भी कारोबारी नेता एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं कर रहा है। आप कब तक चुप रहेंगे? क्या तब तक, जब तक वे आपको पूरी तरह अपने कब्जे में न ले लें?"

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय कारोबार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलौने नहीं हैं। साथ ही उन्होंने कारोबारी नेताओं पर आरोप लगाया कि उनमें सच बोलने की हिम्मत नहीं है।

सीतारमण ने राहुल पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह कारोबारी नेताओं को उकसाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे उनके साथ मिलकर अविश्वास और नफरत फैलाएं। उन्होंने राहुल से हर मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की अपील की और कहा कि व्यावसायिक और कानूनी मामलों को आपराधिक करार देना बिल्कुल गलत है।

सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार भारतीय उद्योग को नौकरियों और आर्थिक विकास के स्रोत के रूप में अहम मानती है। उन्होंने कांग्रेस पर यह आरोप भी लगाया कि उसने दशकों तक लाइसेंस-कोटा राज के जरिए भारतीय उद्यमियों को दबाकर रखा। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां उद्यम, उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई हैं।

राहुल ने इसके जवाब में लिखा, "प्रिय श्रीमती सीताराम (sic), 1. ऐसा कौन सा कानूनी और व्यावसायिक मामला था, जिसके लिए टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस को अमित शाह के आवास पर बुलाना पड़ा? 2. 'क्रोनी नंबर 1' (खास दोस्त नंबर 1) इस खेल में कब सामने आएगा और उसे टाटा का कौन-सा हिस्सा मिलेगा?"

उन्होंने आगे कहा, "आखिरकार, आपके 3-4 खास दोस्तों को छोड़कर भारत के बाकी सभी कारोबारी पहले से ही आप सभी से नफरत करते हैं और उन्हें किसी उकसावे की जरूरत नहीं है।"

कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी टाटा संस के नेतृत्व को लेकर चल रहे विवाद के बीच आई है। इस हफ्ते की शुरुआत में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने टाटा संस के 17 सितंबर के उस बोर्ड प्रस्ताव को चुनौती दी, जिसमें एन. चंद्रशेखरन को देश के सबसे बड़े कारोबारी समूह की होल्डिंग कंपनी के चेयरमैन के तौर पर फिर से नियुक्त किया गया था।

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