'एक और संस्था को नष्ट किया जा रहा है', 2027 की जनगणना में कांग्रेस ने लगाया RSS-BJP का एजेंडा होने का आरोप
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर 2027 की जनगणना को राजनीतिक एजेंडे के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।

2027 की जनगणना में कांग्रेस ने लगाया RSS-BJP का एजेंडा होने का आरोप।
HighLights
कांग्रेस ने 2027 जनगणना में राजनीतिक एजेंडे का आरोप लगाया।
RSS प्रशिक्षण शिविर और समिति से जनगणना को जोड़ा गया।
जनगणना नियमों में संशोधन पर विश्वसनीयता के सवाल उठे।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस ने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह 2027 के लिए डेटा जुटाने वाले कर्माचारियों का दायरा बढ़ाकर अपना राजनीतिक एजेंडा साध रही है। पार्टी ने इससे पीछे RSS के एक ट्रेनिंग कैंप और जनसांख्यिकीय बदलावों पर बनी एक समिति से जुड़े होने का दावा किया है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि इन घटनाक्रमों से जनगणना प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं।
केंद्र सरकार ने 'जनगणना नियम, 1990' में संशोधन किया
ये आरोप तब सामने आए हैं जब केंद्र सरकार ने शुक्रवार को 'जनगणना नियम, 1990' में संशोधन किया। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह अधिकार मिल गया है कि वे सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त निजी संस्थानों के शिक्षकों को जनगणना अधिकारी के रूप में नियुक्त कर सकें।
The Modi Govt has now expanded the list of eligible enumerators for Census 2027. There is much mischief behind it. During July 10-12, 2026, the RSS held a big training camp in Belgaum for its cadres on the single-point agenda of Census 2027. The High-Level Committee on Demographic Changes set up by the Union Home Ministry on May 26, 2026 has just asked for inputs from the public, including Indian and foreign organisations, on demographic changes in the country. The only thing high level of this committee is the affiliation of its members to the RSS ecosystem. So we know where these inputs will come from. The Census Notification of October 16, 2026 has to be seen in light of the RSS training camp of July 10-12, 2026 and the Demographic Change Committee’s call for inputs on October 14, 2026. It is clear this is a Rozgar Guarantee Yojana for thousands of RSS/BJP workers. This will most certainly further contaminate an already subverted Census. Another institution is being destroyed. Like SIR, the Census will also be dangerously doctored. There are no limits to the diabolical designs of the PM-HM duo.
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) October 17, 2026
कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप
एक्स पर एक पोस्ट में रमेश ने कहा, 'मोदी सरकार ने जनगणना 2027 के लिए डेटा जुटाने वाले कर्मचारियों की सूची का दायरा बढ़ा दिया है। इसके पीछे कोई बड़ी गड़बड़ी है।' उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम से हर 10 साल में होने वाली इस प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर आंच आ सकती है।
कांग्रेस ने जनगणना नोटफिकेशन को RSS के ट्रेनिंग कैंप से जोड़ा
कांग्रेस नेता ने इस जनगणना नोटफिकेशन को बेलगाम में 10 से 12 जुलाई, 2026 के बीच आयोजित RSS के एक ट्रेनिंग कैंप से जोड़ा। उन्होंने दावा किया कि उस कैंप में जनगणना 2027 पर ही फोकस किया गया था।
उन्होंने 26, मई, 2026 को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जनसांख्यिकीय बदलावों पर गठित एक उच्च-स्तरीय समिति का भी जिक्र किया, जिसने 14 अक्तूबर को भारतीय और विदेशी संगठनों सहित आम जनता से सुझाव मांगे थे।
RSS-BJP कार्यकर्ताओं के लिए रोजगार गारंटी योजना- जयराम रमेश
रमेश ने आरोप लगाया कि इस समिति में उच्च स्तरीय बस एक ही बात है। इसके सदस्यों का RSS इकोसिस्टम से जुड़ा होना। इसलिए हमें पता है कि ये सुझाव कहां से आएंगे। इस विस्तार को हजारों RSS-BJP कार्यकर्ताओं के लिए रोजगार गारंटी योजना बताते हुए, उन्होंने दावा किया कि इससे जनगणना प्रक्रिया और भी कमजोर हो सकती है।
एक और संस्था बर्बाद हो रही है- जयराम रमेश
उन्होंने कहा कि यह पहले ही प्रभावित जनगणना प्रक्रिया को और भी दूषित कर देगा। एक और संस्था बर्बाद हो रही है। SIR की तरह, जनगणना के आंकड़ों के साथ भी खतरनाक तरीके से छेड़छाड़ की जाएगी।
