नई दिल्ली। सोलर घोटाले में केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी के घिरने से कांग्रेस आलाकमान परेशान है। नेतृत्व की चिंता की मुख्य वजह यह है कि राज्य सरकार द्वारा घोटाले की न्यायिक जांच की घोषणा के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ है। माकपा के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन एलडीएफ न केवल चांडी के इस्तीफे बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय को न्यायिक जांच के दायरे में लाने पर अड़ गया है।

कांग्रेस को यह चिंता सता रही है कि आगामी लोकसभा चुनाव में केरल में पार्टी को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्र मानते हैं कि आलाकमान केरल की मौजूदा स्थिति को लेकर चिंतित हैं क्योंकि न्यायिक जांच के ऐलान के बाद भी विरोध थमता नहीं दिख रहा है।' एलडीएफ चाहती है कि न्यायिक जांच के दायरे में मुख्यमंत्री चांडी और उनके कार्यालय को भी लाया जाया जिसके लिए सरकार कतई तैयार नहीं है। सरकार पर लगातार दबाव बना रहे विपक्ष ने सरकार पर जांच में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उसके पास इस बात के सुबूत हैं कि घोटाले में मुख्यमंत्री चांडी और उनके कार्यालय की भूमिका रही है। हालांकि, चांडी ने आरोप लगाया है कि जांच की आड़ में माकपा राजनीतिक हित साधने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर, घोटाले को लेकर असहज प्रदेश कांग्रेस का एक वर्ग चाहता है कि आलाकमान पूरे मामले की निगरानी करे।

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