नई दिल्ली। पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश के तहत मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भले ही अपने शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को आमंत्रित किया हो, लेकिन पड़ोसी मुल्क अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा। भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नेहचल संधू का कहना है कि पाकिस्तान में भारत विरोधी आतंकी संगठनों को खुली छूट मिली हुई है और उन्हें सरकार की मदद भी हासिल है।

सीमा सुरक्षा बल द्वारा गुरुवार को आयोजित रुस्तमजी मेमोरियल लेक्चर में संधू ने कहा, वर्ष 2013 के मध्य से दो लोकतांत्रिक देशों के संबंधों में बदलाव जरूर आए हैं, लेकिन पाकिस्तान में स्थित आतंकी संगठन भारत के खिलाफ घृणा फैलाने की हर संभव कोशिश में जुटे हैं। सीमा के समीप घुसपैठ कराने के अड्डों के फिर से हरकत में आने की आशंका है। इसे नाकाम करने की जिम्मेदारी बीएसएफ की ही होगी।

खुफिया ब्यूरो (आइबी) के प्रमुख रह चुके संधू ने बताया कि भारत में हिंसा फैलाने के लिए जिम्मेदार आतंकी समूहों की एक पूरी जमात पाकिस्तान में खुलेआम अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रही है। लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन जमात-उद दावा इसका एक उदाहरण है। संधू के मुताबिक नवंबर, 2008 के मुंबई आतंकी हमले में संलिप्त आतंकी संगठनों पर लगा प्रतिबंध कुछ वर्षो पहले ही खत्म हो चुका है। इतना ही नहीं इन संगठनों को सरकार के एक गुट की ओर से पूरी मदद भी मिल रही है।

संधू ने बांग्लादेश से लगी सीमा को पाकिस्तानी आतंकी संगठनों का छद्म अड्डा बताया। उन्होंने कहा कि बीएसएफ के जवानों को नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात करने से अर्धसैनिक बल सीमा सुरक्षा की मूल जिम्मेदारी से विचलित हुआ है।

पढ़ें : मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में आने पर नवाज कल लेंगे कोई फैसला

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस