कमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई शुरू, घरेलू LPG का प्रोडक्शन 30% बढ़ा; 92700 टन एलपीजी लेकर आ रहे दो टैंकर
सरकार ने युद्ध के बावजूद पेट्रोल-डीजल की कमी न होने का आश्वासन दिया है। 92,700 टन एलपीजी लेकर दो टैंकर ...और पढ़ें
HighLights
दो टैंकर 92,700 टन एलपीजी लेकर 16-17 मार्च को पहुंचेंगे।
घरेलू एलपीजी उत्पादन 30% बढ़ा, वाणिज्यिक आपूर्ति शुरू हुई।
कालाबाजारी रोकने हेतु छापेमारी, पीएनजी पर स्विच करने की अपील।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सरकार ने एक बार फिर से दोहराया है कि युद्ध की इस स्थिति में भी घरेलू स्तर पर पेट्रोल व डीजल की कोई कमी नहीं है। एलपीजी सिलेंडर को लेकर हालात सख्त जरूर है, लेकिन घबराने वाली बात नहीं है।
आगामी 16 व 17 मार्च को दो टैंकर जहाज 92,700 टन एलपीजी लेकर भारत पहुंच रहे हैं। शिवालिक और नंदादेवी नामक ये दोनों टैंकर जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर चुके हैं और मुंद्रा और कांडला पोर्ट पर ये पहुंचने वाले हैं। एलपीजी के छह, एलएनजी के एक तो चार कच्चे तेल के जहाज अभी फारस की खाड़ी में हैं और उम्मीद की जा रही है कि इन्हें भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलने की इजाजत मिल जाएगी।
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सिलिंडर की सप्लाई शुरू
देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री से लेकर विदेश मंत्री तक ईरान, इजरायल व अमेरिका के अपने-अपने समकक्ष के साथ लगातार संपर्क में हैं। भारत तेल से लेकर गैस की खरीदारी तक के लिए खाड़ी देशों के अलावा कई अन्य देशों के संपर्क में हैं।
इस बीच पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक 29 राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल स्तर पर भी सिलेंडर की सप्लाई शुरू कर दी गई है। कमर्शियल सिलेंडर के वितरण की जिम्मेदारी राज्य सरकार को सौंपी गई है। एलपीजी का घरेलू उत्पादन में 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी गई है।
एलपीजी की 60 प्रतिशत घरेलू जरूरत की पूर्ति आयात से होती है। वहीं सरकार ने एक बार फिर से लोगों से एलपीजी सिलेंडर की जगह पीएनजी पर शिफ्ट होने की अपील की है। अभी 33 करोड़ एलपीजी ग्राहक है और इनमें से 60 लाख ग्राहक तत्काल रूप से पीएनजी पर शिफ्ट हो सकते हैं।
रुकेगी सिलिंडर की कालाबाजारी
गेल इंडिया को इस काम में उपभोक्ताओं का सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। सभी पेट्रोलियम व गैस कंपनियों को सोशल मीडिया व अन्य माध्यम से एलपीजी और पीएनजी को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए कहा गया है ताकि उपभोक्ता गलतफहमी के शिकार नहीं हो और स्थिति को पैनिक होने से रोका जा सके।
सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए महाराष्ट्र, गोवा, बिहार, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश समेत दर्जनों राज्यों में 1400 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई है और लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। 1300 जगहों पर औचक निरीक्षण किए गए। सभी राज्यों ने जिला स्तर पर सिलेंडर सप्लाई की निगरानी करने के लिए कमेटी बनाने का निर्देश दिया है।
शनिवार को युद्ध संबंधित जानकारी पर होने वाली अंतर-मंत्रालयी प्रेस कांफ्रेस में यह भी साफ किया गया कि घरेलू स्तर पर खाद की कोई कमी नहीं है। आगामी खरीफ सीजन के लिए देश में पर्याप्त खाद का स्टाक है। खाद के लिए भी भारत आयात पर निर्भर करता है और युद्ध के बाद खाद संकट को लेकर भी कयास लगाए जा रहे थे।
पैनिक बुकिंग के कारण स्थिति असामान्य
एलपीजी को लेकर सामान्य दिनों में रोजाना 50-55 लाख घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग 88 लाख तक पहुंच गई है। घरेलू उपभोक्ताओं से इस प्रकार की पैनिक बुकिंग से बचने के लिए कहा गया है और हर हाल में ऑनलाइन बुकिंग की सलाह दी है। शहरी इलाके में 25 दिन तो ग्रामीण इलाके में 45 दिनों पर सिलेंडर की बुकिंग की जा सकेगी।
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घरेलू उपभोक्ताओं को अपने डीलर के यहां जाकर बुकिंग करने या सिलेंडर के लिए भीड़ लगाने से भी बचने के लिए कहा गया है। कमर्शिलय स्तर पर अगले एक माह तक के लिए दिल्ली-एनसीआर में बायोमास के उपयोग की मंजूरी दी गई है। देश में एलपीजी उत्पादन को भी सर्वाधिक स्तर पर पहुंचा दिया गया है। अगले सात-दस दिन के अंदर एलपीसी की स्थिति बहुत कुछ सामान्य होने का दावा है।
शनिवार को सरकार की तरफ से यह भी बताया गया है फारस की खाड़ी में मौजूद सभी नाविक सुरक्षित है और अब तक 253 नाविकों को सही-सलामत देश लाया जा चुका है। सभी पोर्ट को माल लेकर आने वाले सभी जहाजों को पर्याप्त सुविधा मुहैया कराने का निर्देश दिया है।
खाद का पर्याप्त स्टाक
- यूरिया- 62 लाख टन (पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 10 लाख टन अधिक)
- डीएपी (डायमोनियम फास्फेट्स)- 25 लाख टन, (पिछले साल के स्तर पर लगभग दोगुना)
- एनपीके- 56 लाख टन, पिछले साल इस समय 31 लाख टन था
वैश्विक यूरिया के लिए टेंडर जारी
- 13.5 लाख टन के लिए आर्डर जारी कर दिया गया है
- इनमें से 90 प्रतिशत मार्च अंत तक पहुंचने की संभावना
- खाद कंपनियों के लिए खाद गैस की खरीदारी की मंजूरी दे दी गई है
- 15 मई से शुरू होने वाले खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त यूरिया का स्टाक
- देश के 652 जिलों में खाद की बिक्री की निगरानी
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