नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कांग्रेस संगठन में बदलाव की किश्तों में जारी प्रक्रिया के क्रम में वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे की एक बार फिर संगठन में वापसी हुई है। पूर्व गृहमंत्री शिंदे को पार्टी का महासचिव बनाते हुए चुनावी राज्य हिमाचल प्रदेश का प्रभार सौंपा गया है। लोकसभा सांसद रंजीत रंजन को शिंदे के साथ हिमाचल का प्रभारी सचिव बनाया गया है। वहीं पार्टी महासचिव अंबिका सोनी को हिमाचल प्रदेश के साथ उत्तराखंड के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की शिंदे की नियुक्ति पर मुहर लगाने के बाद पार्टी ने बयान जारी कर शनिवार को इसकी घोषणा कर दी। पिछली लोकसभा में प्रणव मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने के बाद कांग्रेस संसदीय दल के नेता रहे सुशील कुमार शिंदे पार्टी के लंबे अर्से से दिग्गज चेहरों में शामिल रहे हैं। दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले शिंदे के सोनिया गांधी से काफी अच्छे रिश्ते रहे हैं। गौरतलब है कि अंबिका सोनी ने स्वास्थ्य वजहों से हिमाचल और उत्तराखंड के प्रभार के बोझ से मुक्त करने का हाईकमान से अनुरोध किया था। इसके मद्देनजर ही शिंदे की नियुक्ति कर उन्हें हिमाचल का प्रभार सौंपते हुए अंबिका की जिम्मेदारी कम कर दी गई है। पार्टी महासचिव जर्नादन द्विवेदी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अंबिका सोनी संगठन में महासचिव बनी रहेंगी और उनके पास अब केवल जम्मू-कश्मीर का प्रभार रहेगा।

शिंदे की अगुवाई में हिमाचल प्रदेश की नई केंद्रीय टीम बनाने के पीछे हाईकमान का मकसद साफ तौर पर अगला विधानसभा चुनाव है। मुख्यंमत्री वीरभद्र सिंह की सूबे की सियासत और संगठन पर पकड़ देखते हुए हाईकमान जाहिर तौर पर किसी नए नेता को यह जिम्मेदारी नहीं सौंप सकता था। शिंदे कांग्रेस के शीर्ष दिग्गजों में लंबे समय से हैं और वीरभद्र से डील करने में उन्हें कोई हिचक नहीं होने वाली।

यह भी पढ़ें: शिंदे होंगे हिमाचल कांग्रेस के प्रभारी!

Posted By: Manish Negi