कोयम्बटूर,एएनआइ। भारतीय वायु सेना ने वायु सेना दिवस के मौके पर सोमवार को कोयम्बटूर के पास सुदूर वायु सेना स्टेशन में अपने लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टरों का एक एयर शो और प्रदर्शन आयोजित किया। एयर शो में प्रदर्शित किए गए विभिन्न फाइटर जेट्स और एयरक्राफ्ट में तेजस, एंटोनोव एन -32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर आदि शामिल थे। एयर शो और प्रदर्शन 87 वें वायु सेना दिवस समारोह के लिए आयोजित किया गया था, जो 8 अक्टूबर को है।

इस मौके पर वायुसेना के अधिकारियों ने कहा कि हमारा मुख्य फोकस हमारी हवाई ताकत को साबित करना और युवाओं को भारतीय वायु सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है।

8 अक्टूबर, 1932 को हुई थी स्थापना

गौरतलब है कि भारतीय वायु सेना की स्थापना 8 अक्टूबर, 1932 को अविभाजित भारत में की गई थी जो ब्रिटिश शासन के अधीन था। इसे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान किंग जॉर्ज VI द्वारा 'रॉयल' उपसर्ग दिया गया था। बाद में उपसर्ग 1950 में हटा दिया गया जब भारत एक गणतंत्र बन गया।

जानकारी के लिए बता दें कि सैनिकों और एयरक्राफ्ट के मामले में भारतीय वायु सेना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है। भारतीय वायुसेना के सुप्रीम कमांडर देश के राष्ट्रपति होते हैं। वायुसेना की सभी कार्यप्रणाली के लिए फोर स्टार रैंक एयर चीफ मार्शल जिम्मेदार होते हैं।

अभी तक वायुसेना ने लड़े चार युद्ध 

भारत आजाद होने के साथ ही भारतीय वायुसेना ने चार युद्ध लड़े हैं जिनमें से चार पाकिस्तान के साथ और एक चीन के साथ लड़ा गया था। भारतीय वायु सेना को पायलट ऑफिसर के तौर पर सबसे पहले एच सी सरकार, सुब्रतो मुखर्जी, भुपेंदर सिंह, ए बी अवान और अमरजीत सिंह मिले थे।

Posted By: Ayushi Tyagi

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