नई दिल्ली, पीटीआइ। कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में ईंधन के कमी के चलते क्षमता के मुकाबले उत्पादन में कमी  बुधवार को घटकर छह गीगावाट हो गई है। मंगलवार को यह 11 गीगावाट थी। ऊर्जा मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। मंत्रालय ने कहा कि पावर सिस्टम आपरेशन कारपोरेशन लिमिटेड (POSOCO) ने बताया है कि कोयले के कम स्टाक के कारण बिजलीघरों की ऊर्जा उत्पादन की कुल क्षमता में कटौती 12 अक्टूबर को 12 अक्टूबर को 11 गीगावाट से घटकर 13 अक्टूबर को 6 गीगावाट पर आ गई।

इससे पहले दिन में कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि थर्मल पावर प्लांटों को कोयले की आपूर्ति मंगलवार को 20 लाख टन को पार कर गई और संयंत्रों को सूखा ईंधन भेजा जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न बिजली संयंत्र ईंधन की कमी से जूझ रहे हैं और ईंधन की आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

जोशी ने बुधवार को आश्वासन दिया कि बिजली उत्पादन के लिए कोयले की आपूर्ति पर कोई संकट नहीं आएगा। बिलासपुर हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद पत्रकारों से यह बात कही। उन्होंने कहा कि एसईसीएल कोल माइंस के दौरे पर पहुंचे मंत्री जोशी ने कहा कि खदानों के निरीक्षण के साथ उत्पादन और आपूर्ति की समीक्षा कर रहे हैं। खदानों में उत्पादन को लेकर अफसरों के साथ चर्चा करेंगे। कोयला उत्पादन की दिशा में अब हम लगातार अच्छा काम कर रहे हैं। देश में बिजली संकट के सवाल पर कहा कि किसी भी हालत में हम कोयला उत्पादन और आपूर्ति के कारण बिजली संकट की स्थिति निर्मित होने नहीं देंगे। माइंस क्षेत्र में दौरे और अफसरों के साथ सीधी बातचीत का अर्थ ही यही है कि हम इस दिशा में लगातार अच्छा कर रहे हैं।

एसईसीएल कोल माइंस के दौरे पर पहुंचे मंत्री जोशी ने कहा कि खदानों के निरीक्षण के साथ उत्पादन और आपूर्ति की समीक्षा कर रहे हैं। खदानों में उत्पादन को लेकर अफसरों के साथ चर्चा करेंगे। कोयला उत्पादन की दिशा में अब हम लगातार अच्छा काम कर रहे हैं। देश में बिजली संकट के सवाल पर कहा कि किसी भी हालत में हम कोयला उत्पादन और आपूर्ति के कारण बिजली संकट की स्थिति निर्मित होने नहीं देंगे। माइंस क्षेत्र में दौरे और अफसरों के साथ सीधी बातचीत का अर्थ ही यही है कि हम इस दिशा में लगातार अच्छा कर रहे हैं।

Edited By: Tanisk