रायपुर, जेएनएन। 6 साल पहले हुए छत्तीसगढ़ के खूनी झीरमघाटी कांड की बरसी पर मंगलवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मारे गये लोगों को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि इस कायरता पूर्ण घटना ने हमसे विद्याचरण और महेंद्र कर्मा सरीखे 25 नेताओं को हमसे छीन लिये। कई मासूम लोग भी शिकार हो गए। उन्होंने कहा कि इन महान नेताओं को सच्ची श्रद्धांजलि तब होगी, जब इनके हत्यारे और षड्यंत्रकारी पकड़े जाएंगे और उन्हें सजा मिलेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों व पार्टी नेताओं के साथ राधेश्याम भवन में पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। 

25 कांग्रेसी नेताओं सहित 32 लोग बने थे नक्सलियों के शिकार
गौरतलब है कि 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन रैली के दौरान झीरम घाटी में नक्सलियों ने हमला कर दिया था। इसमें कांग्रेस के 25 नेताओं सहित 32 लोगों की मौत हो गई थी। जान गंवाने वालों में पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल व कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र कर्मा भी शामिल थे। 

सत्ता में आते ही की एसआइटी का गठन
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आते ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले में एसआइटी का गठन किया था। एसआइटी ने केंद्र सरकार की जांच एजेंसी एनआइए से जांच रिपोर्ट की मांग की थी। लेकिन, एनआइए ने रिपोर्ट देने से इन्कार कर दिया।

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Posted By: Jagran News Network