जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इंदौर को एक बार फिर देश का पहला सबसे स्वच्छ शहर होने का खिताब प्राप्त हुआ है। जबकि मध्य प्रदेश के ही भोपाल को दूसरा स्थान और चंडीगढ़ तीसरा स्थान मिला। स्वच्छता सर्वेक्षण- 2018 में टॉप करने वाले प्रमुख शहरों के नामों की सूची जारी की गई है। 4203 शहरों की स्वच्छता के सर्वेक्षण के बाद इन तीनों शहरों को सबसे स्वच्छ पाया गया। केंद्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री हरदीप पुरी ने स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले प्रमुख शहरों की सूची जारी की है।

इसमें राष्ट्रीय स्तर के कुल 23 और जोनल स्तर के 20 अवार्ड घोषित किये गये। जारी अवार्ड सूची में 10 लाख से अधिक आबादी वाले उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद सबसे तेजी से स्वच्छ होने वाले शहरों में पहला स्थान प्राप्त किया है। पिछले साल की सूची में गाजियाबाद 359 स्थान पर था, जो अब चार हजार से अधिक शहरों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए 36वें स्थान पर पहंुंच गया है। इस मौके पर वहां के नगर निगम के आयुक्त सीपी सिंह को पुरी ने बधाई भी दी। उत्तर प्रदेश के ही दूसरे शहर अलीगढ़ ने साफ सफाई करने के बिल्कुल नये तौर तरीके अपनाने वाली श्रेणी में पहला स्थान पाया है।

जोनल अवार्ड में उत्तर प्रदेश के एक लाख की आबादी वाले शहरों में समथर शहर को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का पहला अवार्ड दिया गया है। राजधानी मेंनई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (एनडीएमसी) को छोटे शहरों के वर्ग में सबसे स्वच्छ शहर का खिताब मिला है। दिल्ली कैंटोमेंट क्षेत्र को सबसे स्वच्छ पाया गया है, जिसके अवार्ड के लिए उसे चुना गया है। जबकि झारखंड के गिरिडीह और अंबिकापुर को एक से तीन लाख की आबादी वाले शहरों के वर्ग में सिटिजन फीडबैक और इनोवेशन व बेस्ट प्रैक्टिसेस का अवार्ड दिया गया है। झारखंड की राजधानी रांची को बेस्ट स्टेट कैपिटल वर्ग में सिटीजन फीडबैक के लिए अवार्ड दिया गया है। जोनल स्तर के अवार्ड में भी झारखंड के शहरों ने बाजी मारी है। एक लाख की आबादी वाले यहां के बुंदू सबसे स्वच्छ चुना गया है। इनोवेशन एंड बेस्ट प्रैक्टिसेस में पाकुर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और चाईबासा को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए सबसे अच्छा माना गया है।

नार्थ जोन में छोटे शहरों (एक लाख की आबादी) पंजाब के भाडसोन को सबसे स्वच्छ शहर पाया गया। जबकि पंजाब के ही मूनक को बेस्ट सिटीजन फीडबैक का पुरस्कार मिला है। हरियाणा के घरौंडा को इनोवेशन एंड बेस्ट प्रैक्टिसेस के लिए चुना गया है। राज्यों में सबसे अधिक स्वच्छ रहने वालों में पहला स्थान झारखंड, दूसरा स्थान महाराष्ट्र और तीसरा स्थान छत्तीसगढ़ को मिला है।

कैंटोनमेंट बोर्ड वर्ग में सबसे स्वच्छ दिल्ली कैंटोनमेंट रहा तो दूसरा स्थान उत्तराखंड के अल्मोड़ा कैंट को मिला और तीसरा रानीखेत कैंट को मिला है। सिटिजन फीडबैक के मामले में अव्वल रहा नैनीताल कैंट और इनोवेशन व बेस्ट प्रैक्टिसेस में तमिलनाडु का सेंट थामस का नाम पहले स्थान पर है। जबकि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में पहला स्थान पाने वालों में हिमाचल प्रदेश का जुटोघ कैंट शिमला रहा।

Looking at the way citizens of big winning cities had turned Swachhata into a Jan Andolan, I am not surprised at the results. Congratulations #Indore & #Bhopal for a repeat performance at #1&2. Well done #Chandigarh for coming in 3rd.

Others will surely try & catch up next year. pic.twitter.com/M8PMQRn1QI

— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) 16 May 2018

 सभी इंदौरवासियों को बधाई इंदौर शहर स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में पुनः नं. 1 आया है।#SwachhSurvekshan2018#IndorePhirSeBanaNo1 pic.twitter.com/aSrIEHhBjR— Malini Gaur (@GaurMalini) 16 May 2018

 

Posted By: Sachin Bajpai