भोपाल, जेएनएन। प्रदेश के बहुचर्चित हनीट्रैप से जुड़े मानव तस्करी मामले में अदालत ने श्वेता स्वप्निल जैन को क्लीन चिट दे दी है, जबकि मामले में आरोपित श्वेता विजय जैन, आरती दयाल और अभिषेक ठाकुर के खिलाफ आरोप तय कर दिए गए हैं। अपर- सत्र न्यायाधीश भरत कुमार व्यास ने बुधवार को उक्त आदेश करते हुए कहा कि श्वेता स्वप्निल जैन के खिलाफ मामले में कोई ठोस सबूत नहीं है। उसका न ही एफआईआर में नाम है न ही एसआईटी जांच के किसी दस्तावेज में नाम व संलिप्तता पाई गई है।

श्वेता स्वप्निल जैन को सभी आरोपों से किया बरी

इस मामले की पीड़ि‍त मोनिका यादव ने भी अपने बयानों में कहीं भी श्वेता स्वप्निल जैन का नाम लिया है इसलिए उसे सभी आरोपों से बरी किया जाता है। अदालत ने मामले में आरोपित अभिषषेक ठाकुर, श्वेत विजय जैन और आरती दयाल की संलिप्तता पाते हुए कहा कि तीनों आरोपितों ने षड्यंत्रपूर्वक पीड़ि‍ता का शारीरिक शोषषण किया है। अदालत ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 370, 370 ए और 120 बी के तहत मामले की सुनवाई करने के आदेश किए हैं।

वीडियो कांन्फ्रेंसिंग से हुई अदालत में पेशी मामले में आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए जाते समय उन्हें अदालत में पेश नहीं किया गया। अदालत ने आरापितों के खिलाफ वीडियो कांन्फ्रेंसिंग के जरिए आरोप तय किए। हनी ट्रैप मामले में श्वेता स्वप्निल जैन, श्वेत विजय जैन, आरती दयाल, मानव तस्करी मामले में पीड़ि‍ता स्वयं मोनिका यादव आरोपित है जो इंदौर जेल में बंद है।

Posted By: Arun Kumar Singh

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