मुंबई, एजेंसियां। एनसीबी (नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) ने धर्मा प्रोडक्शंस के पूर्व एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर क्षितिज रवि प्रसाद (Kshitij Ravi Prasad) को अपमानित करने और सताने के उनके वकील सतीश मानेशिंदे के दावों को शरारतपूर्ण और पूरी तरह असत्य करार दिया है। मानेशिंदे ने यह आरोप भी लगाया था कि उनके मुवक्किल पर पूछताछ के दौरान करण जौहर का नाम लेने के लिए दबाव बनाया गया था।

एनसीबी ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराधों में संलिप्त पाए जाने पर क्षितिज को कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया गया था। उनके वकील और परिवार (मां) को इसकी सूचना दी गई थी। एनसीबी कार्यालय में उन्हें उनकी पत्नी और श्वसुर से मिलने की इजाजत भी दी गई थी। जांच में सहयोग नहीं करने पर अदालत से उन्हें रिमांड पर भेजने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने भी उनके साथ किसी तरह के दु‌र्व्यवहार से इन्कार किया था। क्षितिज तीन अक्टूबर तक एनसीबी हिरासत में हैं। एजेंसी का कहना है कि उन्होंने मई से जुलाई के बीच करीब दर्जनभर बार गांजा खरीदा था। इस बीच, एनसीबी ने कहा है कि वह किसी अन्य सेलेब्रिटी को समन करने की जल्दी में नहीं है।

गौरतलब है कि एनसीबी ने शनिवार को क्षितिज रवि प्रसाद को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। इसके बाद, रविवार को उन्हें वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने रवि प्रसाद को आगे की पूछताछ के लिए एनसीबी की हिरासत में भेज दिया था। मालूम हो कि मंगलवार को रिया चक्रवर्ती और अन्य पांच आरोपितों की जमानत याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई होनी है।

बता दें कि एनसीबी ने शुक्रवार को अभिनेत्री रकुलप्रीत सिंह (Rakulpreet Singh), दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) की मैनेजर करिश्मा प्रकाश (Karishma Prakash) एवं धर्मा प्रोडक्शन के कार्यकारी निर्माता क्षितिज रवि प्रसाद से पूछताछ की थी। एनसीबी ने ड्रग से जुड़े दो मामलों की एफआइआर दर्ज की है। 

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