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'कोर्ट के आदेश के बाद भी दिल्ली में बंद रहे मेट्रो स्टेशन', SC में अवमानना याचिका दायर

Published: Sat, 10 Oct 2026 01:05 PM (IST)

CJP के प्रदर्शन के कारण दिल्ली में मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बाधित होने पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना को लेकर याचिका दायर की गई है।

सुप्रीम कोर्ट।

सुप्रीम कोर्ट।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के चलते राष्ट्रीय राजधानी में मेट्रो और ट्रेन सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद ऐसा होने से मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है।

इसी बात को मद्देनजर रखते हुए शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की गई है।

याचिका में पक्षकार कौन?

बता दें कि यह याचिका अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की तरफ से दायर की गई है, जिसमें केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और अन्य को पक्षकार बनाया गया है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि शीर्ष अदालत के 9 अक्टूबर के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजधानी में मेट्रो स्टेशनों के बंद रखने का सिलसिला जारी रखा, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ और जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सुप्रीम कोर्ट का शुक्रवार का आदेश क्या था?

गौरतलब है कि इससे पहले यानी 9 अक्टूबर शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के प्रदर्शन को देखते हुए 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद करने के खिलाफ दायर एक अन्य याचिका पर सुनवाई हुई थी। 

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की बेंच ने केंद्र को कड़ा निर्देश दिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि प्रदर्शन के कारण 10 अक्टूबर को दिल्ली आने वाली मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं होना चाहिए, क्योंकि इस तरह सब कुछ ठप नहीं किया जा सकता।