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'सुप्रीम कोर्ट को राजनीति में न घसीटें', CJI सूर्यकांत ने क्यों कही ये बात?

Published: Mon, 12 Oct 2026 11:22 PM (IST)

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक मामलों में नहीं घसीटा जाना चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं को शांति से काम करने देना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक मामलों में घसीटना गलत: सीजेआई

सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक मामलों में घसीटना गलत: सीजेआई

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक मामलों में घसीटना गलत: सीजेआई

  2. लोकतांत्रिक संस्थाओं को शांतिपूर्वक काम करने देना चाहिए

  3. सीजेआई ने कांग्रेस नेताओं से मिलने से किया इनकार

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के बीच कांग्रेस के सुप्रीम कोर्ट जाने और सीजेआइ से मिलने के लिए चिट्ठी लिखे जाने पर सोमवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस तरह के मामलों में नहीं घसीटा जाना चाहिए।

सीजेपी के प्रदर्शन के कारण वकीलों को हो रही दिक्कतों का मुद्दा उठाए जाने पर सीजेआइ ने कहा-अदालतों को राजनीति में नहीं घसीटा जाना चाहिए। हर लोकतांत्रिक संस्था को शांति से काम करने दिया जाना चाहिए। अदालतें सिर्फ फैसला सुना सकती हैं। किसी पेशेवर के काम में बाधा नहीं डाली जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक मामलों में घसीटना गलत: सीजेआई

चीफ जस्टिस ने कहा-मैंने प्रदर्शनकारियों से भी अपील की है। विरोध प्रदर्शन के लिए जो जगहें तय हैं, वहीं कानून के मुताबिक शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट को ऐसा मंच नहीं बनाना चाहिए, जहां होने वाली घटनाएं उसकी संस्थागत भूमिका को कमजोर कर सकें।

इससे पहले वरिष्ठ वकील आत्माराम नंदकरणी और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप राय ने विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। प्रदीप राय ने कहा कि हम अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। राजनीतिक दलों को हमारे कार्यक्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

लोकतांत्रिक संस्थाओं को शांतिपूर्वक काम करने देना चाहिए

वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायण ने वकीलों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कोर्ट से मामले में हस्तक्षेप कर पुलिस को संयम बरतने का आदेश देने का अनुरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान वकीलों के साथ बल प्रयोग किया गया और उन्हें हिरासत में लिया गया।

यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रदर्शनकारियों पर हमला कर रहे थे, जबकि पुलिस प्रभावी ढंग से हस्तक्षेप नहीं कर रही थी। उन्होंने कोर्ट से कड़ा संदेश देने का आग्रह करते हुए कहा कि वकीलों और नागरिकों को सुरक्षा के बिना नहीं छोड़ा जा सकता। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई का भरोसा दिया।

सीजेआई ने कांग्रेस नेताओं से मिलने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही मंगलवार को विरोध प्रदर्शन का मामला सूचीबद्ध है। मालूम हो कि सीजेआइ ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उनसे मिलने और ज्ञापन सौंपने के आग्रह को ठुकरा दिया था। पत्र में कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों, छात्रों की मनमानी गिरफ्तारी और ट्रेनों का रद होना आदि मुद्दे उठाए थे।

सीजेआइ ने जवाब में कहा कि जो मुद्दे उठाए गए हैं, वे कोर्ट के समक्ष विचाराधीन हैं। इसलिए लंबित मामलों पर चर्चा करना न्यायिक शुचिता के खिलाफ है। पत्र में उठाए गए मुद्दे से निपटने की प्रशासनिक शक्ति सुप्रीम कोर्ट के पास नहीं है।