विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

CJI सूर्यकांत की नए वकीलों को दो-टूक, 'कानूनी ड्राफ्टिंग के लिए AI का सहारा न लें'

Published: Sat, 18 Apr 2026 02:22 AM (IST)

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कानूनी पेशे की नैतिक जिम्मेदारियों को रेखांकित करते हुए नए योग्य अधिवक्ताओं के एक ...और पढ़ें

सीजेआई ने नए अधिवक्ताओं को एआई के खिलाफ चेताया (फोटो- एक्स)

सीजेआई ने नए अधिवक्ताओं को एआई के खिलाफ चेताया (फोटो- एक्स)

HighLights

  1. सीजेआई ने नए अधिवक्ताओं को एआई के खिलाफ चेताया

  2.  मुख्य न्यायाधीश ने नए अधिवक्ताओं को बाहरी आउटसोर्सिंग के खिलाफ चेताया

पीटीआई, नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कानूनी पेशे की नैतिक जिम्मेदारियों को रेखांकित करते हुए नए योग्य अधिवक्ताओं के एक बैच को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) या अन्य बाहरी पक्षों को कानूनी कार्य आउटसोर्स करने के खिलाफ चेतावनी दी।

संविधान के अनुच्छेद 145 के तहत सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार, शीर्ष न्यायालय में किसी पक्ष के लिए बहस करने की अनुमति है, केवल उन अधिवक्ताओं को है जो अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड के रूप में नामित हैं।

सर्वोच्च न्यायालय अधिवक्ताओं को अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड के रूप में नामित करने से पहले उनकी परीक्षा आयोजित करता है।

अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड के दीक्षांत समारोह के दौरान शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि वे केवल बार के सदस्य नहीं हैं, बल्कि ''न्यायालय के आधिकारिक'' भी हैं, जिन पर न्यायपालिका अपनी मेहनत पर बहुत निर्भर करती है और उन पर रखा गया विश्वास उनके प्रतिष्ठा का आधार है।

सीजेआई ने आग्रह किया कि सभी कानूनी ड्रॉफ्टिंग व्यक्तिगत रूप से अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड द्वारा की जानी चाहिए और एआइ या अन्य बाहरी तीसरे पक्ष को कानूनी कार्य आउटसोर्स करने के खिलाफ चेतावनी दी।

सीजेआई ने कहा, ''फाइलिंग को एक नियमित अभ्यास के रूप में न लें। हर ब्रीफ को ध्यान से पढ़ें।'' हर याचिका जिस पर अधिवक्ता-आन-रिकार्ड का नाम होता है, उनके पेशेवर निर्णय और ईमानदारी का प्रत्यक्ष प्रतिबिंब होती है।