नई दिल्ली, प्रेट्र। चुनौतियों से जूझ रहे विमानन क्षेत्र की समस्याओं के निपटारे के लिए नागर विमानन मंत्रालय ने तीन सलाहकार समूहों का गठन किया है। इन समूहों में एयरलाइंस, एयरपोर्ट आपरेटर, कार्गो कैरियर, ग्राउंड हैडलिंग कंपनियों से जुड़े प्रमुख लोगों को शामिल किया गया है।

कोरोना महामारी की दूसरी लहर से भारत का विमानन क्षेत्र बुरी प्रभावित हुआ है। इससे जुड़े कई हितधारकों की वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं है। मंत्रालय ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में मंत्रालय ने तीन सलाहकार समूह बनाए हैं।

पहले समूह में भारत की सभी एयरलाइन के प्रमुख शामिल हैं। यह समूह एयरलाइन की व्यवहार्यता बढ़ाने के साथ ही कनेक्टिविटी में वृद्धि पर अपनी सलाह देगा। दूसरे समूह में एयरपोर्ट आपरेटरों के शीर्ष अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह समूह हवाई अड्डे की क्षमता बढ़ाने के साथ ही बुनियादी ढांचे में वृद्धि जैसे बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट देगी। तीसरे सलाहकार समूह में चार उप समूह (एमआरओ, ग्राउंड हैंडलिंग, कार्गो और एफटीओ)होंगे। तीनों समूह नियमित तौर पर बैठक करेंगे और क्षेत्र की समस्याओं का निराकरण करेंगे। वहीं विमानन मंत्रालय ने देश में अवैध तरीके से आ रहे ड्रोनों को लेकर केंद्र ने सतर्क हो नया मसौदा जारी किया है। इसपर लोगों से प्रतिक्रिया मांगी गई है और इसके लिए 5 अगस्त की तारीख निर्धारित की गई है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही पिछले साल कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है। उड्डयन मंत्रालय का कार्यभार संभालने से पहले वह भाजपा कार्यालय पहुंचे और कहा कि वह अपनी पूरी क्षमता से जिम्मेदारी निभाने की कोशिश करेंगे। बता दें कि सिंधिया ने हरदीप सिंह पुरी की जगह ली है, जिन्हें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का प्रभार दिया गया है। उनके पास आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय भी होगा।