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ध्वनि से भी तेज विमान उड़ाकर रच दिया था इतिहास, 14 अक्टूबर 1947 को जब कैप्टन चक येजर ने तोड़ा साउंड बैरियर

Published: Mon, 12 Oct 2026 02:19 PM (IST)

कैप्टन चार्ल्स ई. चक येजर ने 14 अक्टूबर 1947 को एक्स-1 विमान से ध्वनि की गति से तेज उड़ान भरकर ...और पढ़ें

चक येजर ने 14 अक्टूबर 1947 को ध्वनि अवरोध तोड़ा।

चक येजर ने 14 अक्टूबर 1947 को ध्वनि अवरोध तोड़ा।

HighLights

  1. चक येजर ने 14 अक्टूबर 1947 को ध्वनि अवरोध तोड़ा।

  2. एक्स-1 विमान से ध्वनि की गति से तेज उड़ान भरी।

  3. द्वितीय विश्व युद्ध के अनुभवी पायलट थे कैप्टन येजर।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका वायुसेना के कैप्टन चार्ल्स ई. चक येजर ने ध्वनि की गति से विमान उड़ाने का इतिहास 14 अक्टूबर 1947 को रचा था। येजर को एक्स-1 कार्यक्रम के लिए परीक्षण पायलट के रूप में नियुक्त किया गया था। अमेरिकी वायुसेना के कैप्टन चक येजर ध्वनि की गति से भी अधिक तेज उड़ान भरने वाले पहले व्यक्ति बन गए।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उड़ाया था प्लेन

चार्ल्स ई. चक येजर 1923 में मायरा वेस्ट वर्जीनिया में जन्मे थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एक फाइटर प्लेन उड़ाने वाले पायलट थे। उन्होंने यूरोप के ऊपर 64 मिशनों पर उड़ान भरे थे। उन्होंने 13 जर्मन विमानों को मार गिराया। उनका विमान भी फ्रांस के ऊपर मार गिराया गया था लेकिन वे पकड़े जाने से बच गए थे।

ध्वनि से तेज विमान चलाना था असंभव

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, वे उन लोगों में से थे जिन्हें सुपरसोनिक उड़ान की संभावना का पता लगाने के लिए बेल एयरक्राफ्ट कंपनी द्वारा निर्मित प्रायोगिक एक्स-1 रॉकेट विमान की परीक्षण-उड़ान के लिए चुना गया था। कई सालों तक, कई विमान चालकों का मानना था कि मनुष्य ध्वनि की गति से अधिक तेज उड़ान भरने के लिए नहीं बना है। उन्होंने सिद्धांत बनाया कि ट्रांसोनिक ड्रैग राइज किसी भी विमान को टुकड़े-टुकड़े कर देगा।

14 अक्टूबर को रचा इतिहास

14 अक्टूबर 1947 को यह सब बदल गया। जब येजर ने दक्षिणी कैलिफोर्निया में रोजर्स ड्राई लेक के ऊपर एक्स-1 उड़ाया। एक्स-1 को बी-29 विमान द्वारा 25 हजार फीट की ऊंचाई तक उठाया गया और फिर बम बे के माध्यम से छोड़ा गया, जो 40 हजार फीट ऊंचाई तक पहुंचा और 662 मील प्रति घंटे से अधिक की गति से उड़ा।

पत्नी के नाम पर रखा विमान का नाम

बेल एक्स-1 को तेज गति पर उड़ान का परीक्षण करने के लिए बनाया गया था। इसका आकार बंदूक की गोली जैसा रखा गया था। येगर ने विमान का नाम अपनी पत्नी के नाम पर 'ग्लैमरस ग्लेनिस' रखा था। उड़ान की रिपोर्ट दिसंबर 1947 में प्रेस में लीक हो गई, लेकिन परियोजना की गोपनीयता के कारण, बेल और येजर की उपलब्धि की आधिकारिक पुष्टि जून 1948 तक नहीं की गई।

2020 में येजर का निधन

येजर ने एक परीक्षण पायलट के रूप में काम करना जारी रखा और 1953 में उन्होंने एक एक्स-1ए रॉकेट विमान में 1650 मील प्रति घंटे की गति से उड़ान भरी। वे 1975 में ब्रिगेडियर जनरल के पद से अमेरिकी वायु सेना से सेवानिवृत्त हुए। येजर का 7 दिसंबर 2020 को 97 साल की आयु में निधन हो गया।