बंगाल में ईसाई महिला का आरोप: बजरंग दल से जुड़े लोगों ने पीटा, धर्म छोड़ने की धमकी दी
पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में एक ईसाई महिला ने आरोप लगाया है कि बजरंग दल से जुड़े लोगों ...और पढ़ें

बंगाल में ईसाई महिला का आरोप: बजरंग दल से जुड़े लोगों ने पीटा (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
महिला ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनको जबरन दुर्गा पंडाल में बैठाया
पीड़िता ने परिवारों के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी है और मुकदमा दर्ज कराया है
डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में एक ईसाई महिला ने आरोप लगाया है कि बजरंग दल से जुड़े लोगों के एक समूह ने उन पर हमला किया, उन्हें जबरन नहलाकर उनका शुद्धिकरण किया। उन्होंने तीन परिवारों को हिंदू धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला।
पीड़िता ने शिकायत में कहा कि 18 अक्टूबर को समूह ने तीन परिवारों को धमकी दी कि पुलिस के पास गए तो उन्हें जिंदा जला दिया जाएगा। उन्होंने पुलिस को फोन किया, लेकिन अगले दो दिनों तक भी परिवारों को आतंकित किया गया। कुछ सदस्यों को पास के डिंगल गांव के दुर्गा पूजा पंडाल में ले जाया गया, जहां उन्हें जबरन धार्मिक अनुष्ठान करने को मजबूर किया गया।
पीड़िता (पटलापुर की निवासी) ने आरोप लगाया कि समूह उनके घर आया और प्रभु यीशु मसीह में हमारे विश्वास को छोड़ने का दबाव बनाया।
उन्होंने कहा कि रणजीत डोलुई ने उनके सिर और कान के नीचे मारा, जिससे वे बेहोश हो गईं। होश आने पर पाया कि उनके कपड़े फाड़ दिए गए थे और रणजीत डोलुई, पचा पात्रा तथा बापी मंडल ने उनकी साड़ी उतार दी थी।
एफआईआर में अन्य नामित आरोपी हैं, दिलीप मिश्रा, बप्पादित्य चटर्जी, तरुण मंडल, अरुण मंडल, मदन मन्ना, अजीत डोलुई, पूर्णिमा दास, सुचित्रा पातर, मोनिमोय मुखर्जी और मिथु डोलुई।
मदन मन्ना पर उनकी 16 वर्षीय बेटी के लिए यौन अपशब्द बोलने का आरोप है। समूह ने कथित तौर पर कहा कि उसे मुस्लिम लड़के से शादी करा देंगे और दुष्कर्म की धमकी दी।
एक 15 वर्षीय लड़की को गला दबाकर मारने की नीयत से पकड़ा गया। एक आरोपी ने अन्य परिवारों की दो महिलाओं पर बांस की लाठी से हमला किया और एक घर से 20,000 रुपये नकद ले गए।
चंद्रकोना पुलिस ने 20 अक्टूबर की रात पीड़िता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की हत्या के प्रयास और संबंधित धाराओं में कम से कम 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। 24 अक्टूबर शाम 6:30 बजे तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी। पीड़िता ने परिवारों के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी, जो उपलब्ध कराई गई है।
