कोंडागांव, एएनआइ। जिले के पांच गांवों में रह रहे क्रिश्चन परिवारों के घरों को ग्रामीणों द्वारा कथित रूप से तोड़े जाने का मामला सामने आया है। इनमें कर्काबेड़ा, सिंघानपुरी, तेलियाबेड़ा, सिलती और जोंद्राबेड़ा गांवों शामिल हैं। गांव में स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

गांवों में इस तरह की घटनाओं के बाद तनाव का माहौल है। बस्तर जिले के इंस्पेक्टर जनरल पी. सुंदरराज ने कहा कि यहां रहने वाले लोग धर्म परिवर्तित लोगों से खुश नहीं हैं क्योंकि ये लोग स्थानीय रीति-रिवाजों को नहीं मानते हैं। सुंदरराज ने कहा, 'कोंडागांव के पांच गांवों कर्काबेड़ा, सिंघानपुरी, तेलियाबेड़ा, सिलती और जोंद्राबेड़ा गांवों में कुछ परिवार पिछले पांच से छह सालों से इसाइ धर्म का पालन करते हैं। यहां रहने वाले लोग इससे खुश नहीं हैं क्योंकि ये लोग स्थानीय रीति-रिवाजों और त्योहारों को नहीं मानते हैं। इस वजह से गांव में तनाव का माहौल पैदा हो गया है।'

उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल इलाके में शांति का माहौल है और यहां ऐसी कोई घटना दोबारा ना हो इसलिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

गौरतलब है कि देश की कई जनजातियों द्वारा ईसाई धर्म अपनाया गया है। इस साल के फरवरी महीने में भी इस तरह का मामला सामने आया था। यहां संतकबीर नगर जिले के खलीलाबाद के ग्राम बयारा के एक दर्जन से भी अधिक अनुसूचित परिवारों द्वारा ईसाई धर्म अपनाया गया था। इस अनुसूचित बस्ती में काफी समय से हर रविवार को प्रार्थना सभा आयोजित कर लोगों को ईसाई धर्म की शिक्षा दी जा रही थी। किसी को नौकरी दिए जाने तो कुछ को और प्रलोभन देकर धर्मांतरण करवाया जा रहा था।

बता दें कि पूर्वांचल में धर्म परिवर्तन के मामले अक्‍सर देख गए हैं। पिछले साल गोरखपुर में हिन्‍दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने धर्म परिवर्तन की सूचना पर बवाल भी किया था। इसमें गोरखपुर में ईसाई मिशनरियों द्वारा संचालित एक अस्‍पताल की भूमिका सामने आई थी।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस