नई दिल्ली, पीटीआइ। सीबीआई की विशेष अदालत ने चीनी वीजा मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज एक मामले में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम (Congress MP Karti Chidambaram) को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने 30 मई तक ये अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। कांग्रेस नेता पर 263 चीनी नागरिकों को वीजा दिलाने के लिए  घोटाला करने का आरोप है। यह कथित घोटाला तब हुआ, जब उनके पिता पी चिदंबरम (P Chidambaram) गृह मंत्री थे।

यूके और यूरोप से बुधवार को लौटे कार्ति चिदंबरम

कार्ति चिदंबरम को एक विशेष अदालत ने यूके और यूरोप से आने के 16 घंटे के भीतर सीबीआई जांच में शामिल होने का आदेश दिया था। कार्ति सुप्रीम कोर्ट और विशेष अदालत की अनुमति से विदेश गए थे। वह बुधवार को अपने दौरे से लौटे थे, जिसके बाद मामले से जुड़े सवालों के जवाब देने के लिए गुरुवार सुबह सीबीआइ कार्यालय पहुंचे।

मेरे खिलाफ चल रहा फर्जी मामला- कार्ति चिदंबरम

सीबीआइ मुख्यालय के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कार्ति चिदंबरम ने कहा कि उनके खिलाफ 'फर्जी मामला चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने किसी चीनी नागरिक को वीजा जारी करने की सुविधा नहीं दी थी।

यह है पूरा मामला

मामला कार्ति और उनके करीबी एस भास्कररमन को वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL), जो पंजाब में बिजली संयंत्र स्थापित कर रही थी, के एक शीर्ष अधिकारी द्वारा रिश्वत के रूप में 50 लाख रुपये दिए जाने के आरोपों से संबंधित है। 

सीबीआइ की प्राथमिकी में कहा गया है कि वहां कार्यरत 263 चीनी कामगारों के लिए परियोजना वीजा को फिर से जारी किया गया था। इस मामले में एजेंसी पहले ही भास्कररमन को हिरासत में ले चुकी है। सीबीआइ के मुताबिक, बिजली परियोजना की स्थापना का काम एक चीनी कंपनी द्वारा किया जा रहा था, जो समय से पीछे चल रहा था। 

50 लाख रुपये का हुआ आदान-प्रदान

सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, टीएसपीएल के एक कार्यकारी ने 263 चीनी कामगारों के लिए परियोजना वीजा फिर से जारी करने की मांग की थी, जिसके लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये का आदान-प्रदान किया गया था। 

Edited By: Achyut Kumar