नई दिल्ली, एएनआइ। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक संजय अरोड़ा ने सोमवार को स्वीकार किया कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों के साथ भारत-चीन सीमा पर संघर्ष होता है। उनका है कि वे भारतीय सीमा में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं, जिसका हम उचिक जवाब देते हैं। वे कहते हैं कि समय-समय पर चीनी आर्मी द्वारा छुटमुट उल्लंघन की घटनाएं सामने आती हैं। आईटीबीपी कर्मियों द्वारा की जा रही चौथे चरण की साइकिल रैली के फ्लैग आफ कार्यक्रम के मौके पर बोलते हुए, अरोड़ा ने कहा कि बल ने 'पिछले साल अपनी तैयारियों और अपनी क्षमता को दिखाया और यह भविष्य में उसी भावना के साथ देश की सेवा करेंगे।'

अगस्त के अंत में भारतीय क्षेत्र में 100 से अधिक चीनी सैनिकों के उल्लंघन के संबंध में कुछ मीडिया रिपोर्टों के बारे में पूछे जाने पर, अरोड़ा ने कहा, 'आईटीबीपी एक सीमा सुरक्षा बल है। हमारा जनादेश सीमा की अखंडता को बनाए रखना है। हमने पहले अपनी क्षमताओं को दिखाया है। आईटीबीपी की क्षमता और तैयारी संतोषजनक है। सीमा पर समय-समय पर छोटे-छोटे उल्लंघन की घटनाएं होती रहती हैं और हम उन्हें उचित जवाब देते रहते हैं।'

1988 बैच के तमिलनाडु कैडर के आईपीएस अधिकारी ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि 100 पीएलए सैनिकों के उल्लंघन की रिपोर्ट सही थी या गलत। अन्य आईटीबीपी अधिकारियों ने पुष्टि की कि भारत-चीन सीमा पर उल्लंघन की घटनाएं क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा की धारणा में अंतर के कारण होती हैं।

एक आईटीबीपी अधिकारी ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए कहा, जैसा कि भारत और चीन दोनों एक परिभाषित और सीमांकित सीमा साझा नहीं करते हैं, इसलिए यह बार-बार घुसपैठ की ओर ले जाता है। बता दें कि सीमा पर एलएसी जो लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक हजारों किलोमीटर तक फैली हुई है।

आईटीबीपी प्रमुख ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक से साइकिल रैली के चौथे चरण को हरी झंडी दिखाने के बाद अपने विचार व्यक्त किए। गोगरा (लद्दाख) से कुल 2700 किमी की दूरी तय करने वाली यह रैली 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में भाग लेने के लिए केवड़िया (गुजरात) पहुंचेगी।

साइकिल रैली 27 अगस्त को लद्दाख में 4,500 मीटर की ऊंचाई से शुरू हुई और अटल सुरंग के रास्ते मनाली पहुंचने से पहले खतरनाक मौसक और इलाके की परिस्थितियों को पार कर गई।

Edited By: Nitin Arora