यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 14, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Coronavirus Crisis: भारत में भी 'ड्रैगन' की चाल चल रहा खतरनाक कोरोना वायरस
Coronavirus Crisis आंकड़े गवाह हैं कि हर देश को पहले केस और 1000वें केस के बीच लंबा समय मिला है। ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जेएनएन। Coronavirus Crisis: भारत में कोरोना पीड़ितों की संख्या 10 हजार के आंकड़े की ओर बढ़ रही है। 13 अप्रैल को शाम सात बजे तक भारत में कोरोना मरीजों की संख्या 9352 दर्ज की गई है। देश में संक्रमण जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, आज सुबह 8 बजे तक यानि 14 अप्रैल को यह आंकड़ा 10,363 हो गया है। यहां तक पहुंचने में 75 दिन का समय लगा। ठीक यही समय कोरोना ने चीन में भी लिया था।
हालांकि इन सबके बीच एक बात यह निकलकर आ रही है कि कोरोना के संक्रमण की रोकथाम में केवल भारत ही नहीं दूसरे विकसित देशों ने भी उदासीनता दिखायी है। आंकड़े गवाह हैं कि हर देश को पहले केस और 1000वें केस के बीच लंबा समय मिला है। पुख्ता तैयारी की जाती तो स्थितियां और सुधारीं जा सकती थीं।
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भारत में ही पहला मामला 30 जनवरी को आया। इसके बाद से पश्चिमी देशों में मार्च के मध्य तक कोरोना ने अपना ठीक-ठाक असर छोड़ दिया था। भारत में 100वां केस 14 मार्च को था। जबकि हमारी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 24 मार्च को बंद की गईं। जानकारों का मानना है कि अगर यही निर्णय मार्च के मध्य तक ले लिया जाता तो भारत में इस संक्रमण को रोकने में और मदद मिल सकती थी। हालांकि पहले केस से 10 हजार के आंकड़ों तक पहुंचने वाले प्रमुख देशों का हाल जानने की कोशिश करें तो इटली ने सबसे कम 39 दिनों में यह आंकड़ा छुआ जबकि चीन ने सर्वाधिक 75 दिन का समय लिया था।

लॉकडाउन में यह रफ्तार खतरनाक : दूसरे देशों की तुलना में पहले 10 हजार के आंकड़े तक पहुंचने में भारत की रफ्तार तेज है। जहां कोरोना संक्रमित दूसरे बड़े देश को हर 1000 पॉजिटिव केस का आंकड़ा लांघने में औसतन दो दिन लगे, वहीं भारत औसतन डेढ़ दिन में ही यह आंकड़ा छू रहा है। यह हालात तब हैं जब देश में लॉकडाउन है और दूसरे विकसित देशों की संख्या में सैंपल टेस्ट की संख्या हमारी कम है। वैसे भी दूसरे देशों ने 10 हजार पॉजिटिव केस आने के बाद अपने यहां लॉकडाउन किया जबकि भारत ने पहले ही यह निर्णय लिया।

20 दिन में अमेरिका 10 हजार से पहुंचा पांच लाख : भारत में लॉकडाउन इसलिए भी जरूरी है क्योंकि अमेरिका जैसे देशों में कोरोना संक्रमितों की संख्या गुणात्मक ढंग से 10 हजार की संख्या के बाद तेजी से बढ़ी। अमेरिका ने 10 हजार से पांच लाख तक का आंकड़ा महज 20 दिन में छू लिया। भारत जैसे सघन आबादी और सीमित स्वास्थ्य संसाधन वाले देश में अगर शारीरिक दूरी का पालन नहीं हुआ और संक्रमण नहीं रोका गया तो हालात बेकाबू हो जाएंगे।
