नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। चीन पूर्वी लद्दाख ही नहीं अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम से सटे सीमावर्ती इलाकों में भी अतिक्रमण के जरिये सीमा विवाद को तूल देने का प्रयास करता रहा है। मगर भारतीय सैनिकों की बढ़ी चौकसी से उसके मंसूबे फलीभूत नहीं हो रहे। माना जा रहा कि इसीलिए चीन अब भूटान के भूभाग में अतिक्रमण कर सीमा पर भारत के लिए चुनौती बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। डोकलाम के निकट भूटान के इलाके में चीन द्वारा चार गांव बसाने की नवीनतम घटना बीजिंग की इसी चाल का संकेत माना जा रहा है।

करीब 100 वर्ग किलोमीटर के इलाके में किया इन गांवों का निर्माण

ओपन सोर्स अकाउंट डेट्रस्फा ने सेटेलाइट तस्वीरों और शोधकर्ताओं के अध्ययन का हवाला देते हुए दावा किया है कि चीन ने भूटान की सीमा के अंदर चार नए गांव बसाए हैं, जो डोकलाम इलाके से करीब है। शोधकर्ताओं ने सेटेलाइट तस्वीरों के अध्ययन के आधार पर दावा किया है कि चीन ने पिछले एक साल के दौरान करीब 100 वर्ग किलोमीटर के इलाके में इन चारों गांवों का निर्माण किया है। डोकलाम के निकट भूटान के इलाके में चीन की ढांचागत मौजूदगी भारत के लिए चिंता की बात है।

सीमा विवाद में रणनीतिक बढ़त लेने की चल रहा चाल

पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर बीते डेढ़ साल से जारी सैन्य तनातनी के बीच चीन पिछले कुछ समय से भूटान में अपना प्रभाव बढ़ाकर सीमा विवाद में रणनीतिक बढ़त लेने की चाल चल रहा है। पिछले डेढ़ साल से पूर्वी लद्दाख में एलएसी के कई मोर्चो पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच आमने-सामने के टकराव का बातचीत से हल हुआ है। मगर देपसांग समेत कुछ अन्य इलाकों में सैन्य तनातनी अभी जारी है।

2017 में चीन ने किया था अवैध अतिक्रमण का प्रयास

डोकलाम इलाके में 2017 में चीन ने अवैध अतिक्रमण का प्रयास किया था। इसको लेकर भारत और चीन के बीच सैन्य तनातनी दो महीने से भी अधिक चली थी। आखिरकार चीनी सैनिकों के पीछे हटने के बाद इस गतिरोध का हल निकला था।

पूर्वोत्तर राज्यों के लिए अहम है डोकलाम का इलाका

डोकलाम का इलाका रणनीतिक लिहाज से पूर्वोत्तर राज्यों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि सिलीगुड़ी कारिडोर यहां से करीब है, जो भारत के चिकन नेक के रूप में भी जाना जाता है। पूर्वोत्तर के राज्यों को चीन की चालबाजी से सुरक्षित रखने के लिए डोकलाम में भारत की मजबूत पकड़ बेहद महत्वपूर्ण है।

सीमा विवाद के हल के लिए सैन्य कमांडरों के 14वें दौर की वार्ता जल्द

भारत और चीन एलएसी पर सीमा विवाद के हल के लिए बातचीत जारी रखने पर एकमत हैं। दोनों देश गुरुवार को पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर बाकी बचे गतिरोध का हल निकालने के लिए सैन्य कोर कमांडरों की 14वें दौर की बैठक जल्द करने पर राजी हो गए हैं। भारत और चीन के बीच सीमा मामलों से जुड़े कार्यकारी तंत्र की 23वें दौर की बैठक में कोर कमांडरों की बैठक बुलाने पर सहमति बनी।

विदेश मंत्रालय ने इस बैठक के बाद बयान जारी कर कहा कि पूर्वी लद्दाख में मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकाल के तहत टकराव के बिंदुओं से सैनिकों की पूर्ण वापसी का लक्ष्य जल्द हासिल किया जाए, इस पर दोनों पक्षों ने समान राय जाहिर की। दोनों पक्षों ने अंतरिम रूप से मौजूदा जमीनी स्थिति में किसी तरह की छेड़छाड़ और टकराव की स्थिति से बचने की बात भी दोहराई।

Edited By: Arun Kumar Singh