मुंबई (जेएनएन)। उल्‍हासनगर में दो रुपये की चकली चुराने के जुर्म में नाबालिग बच्‍चों के साथ दुर्व्‍यवहार मामले को उठाते हुए ठाणे बाल कल्‍याण समिति (सीडब्‍ल्‍यूसी) ने जुवेनाइल जस्‍टिस की मांग की है।

ज्ञात हो कि गत रविवार को दो नाबालिग बच्‍चों द्वारा मात्र दो रुपये की चकली चुराने पर ऐसी सजा दी गई की देखने वालों की रूह कांप उठी। पुलिस ने POCSO एक्‍ट के तहत मामले को दर्ज कर लिया।

आपको बता दें कि इस मामले को अंजाम देने वाले दुकानदार महमूद पठान और उसके दो बेटे सलीम और इरफान को गिरफ्तार कर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, एक बच्चा 8 साल व दूसरा 9 साल का है और दोनों ही पिछड़ी जाति के हैं। दोनों ने भूख लगने के कारण चकली खा लिया जिसके कारण उनको ऐसी सजा मिली। वहां उपस्थित कुछ लोगों ने वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर भी अपलोड कर दिया इसके बाद पीड़ित के परिजनों ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों के मामला दर्ज किया गया। सीडब्‍ल्‍यूसी ने आरोपियों के खिलाफ जेजे एक्‍ट के धारा 75 (बच्‍चों के साथ क्रूरता के लिए दंड) लगाने की मांग की है।

सीडब्‍ल्‍यूसी ठाणे की चेयरपर्सन मीनल ठाकोरे ने बताया, ‘हम बच्‍चों से मिले वे काफी परेशान दिख रहे थे। उन्‍हें तुरंत काउंसलिंग की जरूरत है। हमने उनकी मां से उन्‍हें चिल्‍ड्रंस होम भेजने की बात कही। हम उन्‍हें चिल्‍ड्रंस होम भेजने का सोच रहे हैं ताकि जब उनकी मां काम पर जाएं तो वे अकेले न रहें।‘ उन्‍होंने कहा कि बाल संगोपन योजना के तहत उन्‍हें सभी सुविधाएं उपलब्‍ध करायी जाएंगी। सोमवार को महिला व बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने ट्वीट किया कि मामले को संज्ञान में लिया गया है और बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए महाराष्ट्र राज्य आयोग के सदस्य सचिव ने संपर्क किया है।

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Posted By: Monika minal

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