संजय मिश्र, नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर जंग लड़ रहे लोगों का आभार जताने के लिए देश की तीनों सेनाएं जल, थल और नभ (आकाश) से रविवार को जोरदार सलामी देंगी। वायुसेना के लड़ाकू विमान उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक देश की पूरी आकाशीय सीमाओं तक उड़ान भरकर तो हेलीकाप्टर कोविड अस्पतालों पर फूल बरसाते हुए बीमारी से जूझ रहे लोगों को सलाम करेंगे। नौसेना समुद्री तट पर अपने जंगी जहाजों को रोशन करके तो सेना अपने माउंटेन बैंड की धुन के जरिये इनकी हौसला आफजाई करेंगे। हालांकि कोरोना के खिलाफ जंग में मजबूती से डटे होने का संदेश देने को तैयार सशस्त्र सेनाएं कोरोना वायरस को बॉयलोजिकल वारफेयर (जैविक हथियार) मानने की जल्दबाजी में नहीं हैं।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बिपिन रावत (Gen Bipin Rawat) ने शुक्रवार को तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में तीन मई को इन योद्धाओं के लिए सशस्त्र सेनाओं के इस विशेष आयोजन का एलान किया। जनरल रावत ने कहा कि कोरोना के खिलाफ देशवासियों ने जो दृढ़ संकल्प दिखाया है उसका फल देखने को मिल रहा है। इसमें अग्रिम मोर्चे पर संक्रमित लोगों की मदद कर रहे डाक्टर, नर्स, सफाई कर्मचारियों को हम सलाम करते हैं। साथ ही पुलिसकर्मियों और मीडिया की भूमिका की भी सराहना करते हैं। तीनों सशस्त्र सेनाओं ने इसीलिए अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं को धन्यवाद देने के लिए तीन मई को विशेष कार्यक्रम आयोजित किए हैं।

वायुसेना के फाइटर व ट्रांसपोर्ट विमान उत्तर में श्रीनगर से दक्षिण में तिरुअनंतपुरम तक फ्लाई पास्ट करेंगे। दूसरा फ्लाई पास्ट पूरब में डिब्रूगढ़ से पश्चिम में कच्छ तक जाएगा। इस तरह ये देश के समूचे आकाशीय क्षितिज को कवर करेंगे। जनरल रावत ने कहा कि देश के सभी कोविड अस्पतालों में हेलीकाप्टर से फूल बरसाए जाएंगे इसमें नौसेना के भी हेलीकाप्टर रहेंगे। नौसेना सभी समुद्री तटों पर शाम को जहाजों पर रोशनी के विशेष आकर्षण से तो थलसेना कोविड अस्पतालों के बाहर संगीत की धुनों से कोरोना योद्धाओं को आगे की लड़ाई के लिए प्रेरित करेंगे।

जनरल रावत ने कहा कि लॉकडाउन में पूरे देश में पुलिसकर्मियों ने बेहद अहम योगदान किया है। इसीलिए सुबह हर जगह पुलिस मेमोरियल में सशस्त्र सेनाओं की ओर से आभार जताते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए जाएंगे। कोरोना वायरस को जैविक हथियार के रूप में देखे जाने से जुड़े सवाल पर जनरल रावत ने कहा कि कोरोना कैसे आया इस बारे में पूरी दुनिया जानना चाहती है। लेकिन अभी कहना जल्दबाजी होगी कि ये बॉयोलॉजिकल वारफेयर है। 

सेना में कोरोना के मामलों के बारे में पूछे जाने पर सेना प्रमुख जनरल मनोज मुंकद नरवाणे ने कहा कि 14 केस आए थे जिसमें पांच ठीक हो गए हैं। सेना को कोरोना से लड़ने में कोई दिक्कत नहीं है। हमने पूरी तैयारी की हुई है। एलओसी पर घुसपैठ से जुड़े सवाल पर सेना प्रमुख ने कहा कि घुसपैठ के प्रयास की संख्या में इजाफा हुआ है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने कहा कि वायुसेना में कोरोना का एक भी केस नहीं है फिर भी हम कोई ढिलाई नहीं बरतेंगे।

नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को लाने की तैयारी से जुड़े सवाल पर कहा कि नौसेना के जहाज इसके लिए तैयार हैं। आदेश जैसे ही मिलेगा हम नागरिकों को लेकर आएंगे मगर इसका फैसला विदेश मंत्रालय को करना है। गौरतलब है कि कोरोना संकट के बीच भारतीय सेनाओं की संयुक्‍त रूप से यह पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस थी जिसमें सीडीएस के साथ तीनों सेना प्रमुख मौजूद थे। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सेना बढ़चढ़कर हिस्सा ले रही है। सेना की ओर से कई क्वारंटाइन सेंटर भी बनाए हैं।  

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