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रायपुर, जेएनएन। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने राज्य सरकार में काम कर रहे मंत्रियों को बेहतर परफार्मेंस देने की नसीहत दी है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि जिन्हें मंत्री बनाया गया है, अगर वे अपनी कार्यप्रणाली में बेहतर सुधार कर पाने में असमर्थ रहते हैं जो उनकी कुर्सी जा भी सकती है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि कोई भी मंत्री यह न सोचें की यह कुर्सी उन्हें पूरे पांच साल के लिए मिली है। अगर परफार्मेंस सही नहीं रहा तो वे कार्यकाल से पहले ही मंत्री पद से हटाए जा सकते हैं।

रायपुर में शनिवारों को पत्रकारों से चर्चा के दौरान पुनिया ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक सफलता मिली थी। भूपेश बघेल के नेतृत्व में बूथ स्तर तक लोगों ने मेहनत की थी। हमारी जीत उसी का नतीजा था।

मंत्रीमंडल का गठन हुआ एक सीट खाली थी वो अमरजीत भगत को मिली। वो बहुत जुझारू वरिष्ठ कांग्रेस जन हैं। चार बार के विधायक हैं उन्हें मौका मिला। प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर मोहन मरकाम को मौका मिला है। ये हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष का विशेषाधिकार है कि वे किसी प्रदेश अध्यक्ष बनाए। उन्होंने लोगों से मुलाकात की और उसके बाद फैसला लिया। विधानसभा में इनका प्रदर्शन शानदार रहता है। ये जमीन से जुटे हैं और कार्यकर्ता हमेशा इनसे संतुष्ट रहता है।

चुनौती भी सामने ही है क्योंकि नगर निकाय का चुनाव भी आ रहे हैं। संगठन को और मजबूत करने का जिम्मा इन पर है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा, धनेंद्र साहू और अमितेश शुक्ल की भूमिका को लेकर पुनिया ने कहा कि इनकी भूमिका भी तय की जा रही है। इनके विषय में भी फैसले लिए जाएंगे। ऐसा नहीं कि मंत्री पांच साल के लिए बनाए गए हैं। इनका परफॉर्मेंस देखा जाएगा। साल भर बाद इनके परफॉमेंस की समीक्षा की जाएगी। तय पैमाने पर जो मंत्री खरे नहीं उतरेंगे उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ेगी।

पार्टी हाइकमान राहुत गांधी के इस्तफे की बात पर पुनिया ने कहा कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता यह चाहता है कि राहुल गांधी राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहें। सभी की कोशिश है कि वो अपना निर्णय बदलें और यथावत राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में काम करते रहें।

Posted By: Manish Pandey

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