रायपुर,एएनआइ। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के मडवा स्थित अटल बिहारी वाजपेयी थर्मल पावर प्लांट के संविदा कर्मियों का पिछले कई दिनों से आंदोलन जारी है। रविवार का यह प्रदर्शन हिंसक हो गया। अधिकारियों ने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को मौके से जाने के लिए कहा गया, तो उन्होंने पथराव करना शुरू कर दिया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी द्वारा संचालित संयंत्र के संविदा कर्मचारी अपनी सेवाओं को स्थायी करने की मांग को लेकर पिछले 28 दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि इससे पहले इन कर्मचारियों ने प्रशासन से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत बोर्ड के अध्यक्ष से बातचीत करने का अनुरोध किया था। प्रशासन ने इसके लिए चार जनवरी का समय निर्धारित किया था, लेकिन कर्मचारियों ने मांग की कि इसे पहले कराया जाए। उसने आगे कहा कि उनकी मांग के कारण प्रशासन ने 3 जनवरी को नई तारीख तय करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन आंदोलनकारी इस पर सहमत नहीं हुए और रविवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बातचीत करने पर जोर दिया। 

अधिकारी के अनुसार वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था के बाद भी धरना में शामिल लोगों ने क्षेत्र खाली करने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया था। जांजगीर-चांपा के डीएम जितेंद्र शुक्ला ने कहा कि आपदा प्रबंधन कानून लागू है, हमने उन्हें बताया कि इस तरह का विरोध सही नहीं है। कई लोग फैक्ट्री के अंदर फंस गए थे इसलिए हमने उन्हें एक ओर होकर विरोध करने को कहा लेकिन उन्होंने हमारी एक नहीं सुनी। हमने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल किया। उन्होंने पथराव किया. जिससे कुछ देर के लिए स्थिति प्रभावित हुई। स्थिति अब नियंत्रण में है। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

Edited By: Tanisk