रायपुर, नईदुनिया। छत्तीसगढ़ में स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आइआइटी) भिलाई ने महज 350 रुपये में पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट (पीपीई) किट तैयार कर दी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज कर रहे स्वास्थ्यकर्मी इसका दोबारा भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे खुद को सिर से सीने तक कवर (ढका) किया जा सकता है।

मैकेनिकल इंजीनिय¨रग विभाग ने जो किट तैयार की है, उसमें कोरोना वायरस को रोकने का भी दावा किया जा रहा है। संस्थान के निदेशक रजत मूणा का कहना है कि हमने जो किट बनाई है, उसे एक बार इस्तेमाल करने के बाद दूसरी बार भी इस्तेमाल (रि-यूल्ड) कर सकते हैं। आइआइटी भिलाई ने इस किट की जानकारी केंद्रीय विज्ञान एवं प्राद्योगिकी मंत्रालय को भी दी है। आइआइटी भिलाई ने मंत्रालय को जानकारी दी है कि इस किट का इस्तेमाल डॉक्टर, नर्सिग स्टॉफ और खासकर ऐसे स्वास्थ्यकर्मी, जोकि कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज कर रहे हैं, उनके लिए फायदेमंद है।

यह है विशेषता

इसमें एन-95 मॉस्क में इस्तेमाल होने वाला फिल्टर लगा हुआ है। यह सिर से सीने तक व्यक्ति को कवर कर सकती है। यह शुद्घ हवा भीतर जाने देती है और वायरस को रोकती है। इसको पहनने पर सांस लेने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होती है। गुणवत्ता में बेहतर किट होने के साथ-साथ यह महंगी भी नहीं है।

दो तरह की बनी हैं किट

यहां जो किट बनाई गई है, वह दो टाइप की है। पहली हेलमेट टाइप पीपीई किट है, जिसकी कीमत 200 रुपये है और यह चेहरे को ढक लेती है। इसी तरह दूसरी फेस सील टाइप पीपीई किट है, जिसकी कीमत 350 रुपये है और इसमें सिर से सीने तक को सुरक्षित किया जा सकता है।

Posted By: Nitin Arora

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