बिलासपुर, एएनआई: छत्तीसगढ़ में करीब 12.767 टन गांजे को जलाकर लगभग पांच मेगावाट बिजली का उत्पादन करने का दावा किया गया है। शुक्रवार को बिलासपुर पुलिस ने नशीले पदार्थों को नष्ट करने के एक अभियान के तहत इलाके के एक बायोमास प्लांट में करीब 12 टन गांजा जलाया। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक गांजे को जलाने के बाद लगभग पांच मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा सकता है।

गांजा जलाकर बिजली का उत्पादन

बिलासपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक रतन लाल डांगी ने बताया कि, अभियान के दौरान कई तरह के नशीले पदार्थों को नष्ट कर जलाया गया है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में गांजा भी जलाया गया, जिससे करीब पांच मेगावाट बिजली पैदा होने का अनुमान है। बतातें चले की मई के महीने में छत्तीसगढ़ पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार कर करीब 70 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त किए गए गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 70 लाख रुपए बताई जा रही है।

भारी मात्रा में पुलिस ने जब्त किए नशीले पदार्थ

मौजूदा साल में फरवरी के महीने के दौरान राज्य की कोकराझार पुलिस ने 33 टैबलेट के पैकेट सहित 1477 किलो गांजा और 1.28 किलो हेरोइन जब्त की थी। जिसके बाद नशीले पदार्थों को नष्ट करने के एक विशेष कार्यक्रम में नष्ट किया गया। पुलिस द्वारा नष्ट किए गए नशीले पदार्थों को 2018 में कोकराझार जिले के विभिन्न हिस्सों से जब्त किया गया था। इन्हें विशेष पुलिस महानिदेशक एल आर बिश्नोई, पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में आग लगा दी गई।

पुलिस को कोर्ट के आदेश का इंतजार

इस दौरान पुलिस महानिदेशक ने बताया कि पुलिस के पास जब्त किए गए नशीले पदार्थ भारी मात्रा में मौजूद है। लेकिन वो अभी कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें जैसे से इस संबंध में कोर्ट से अनुमति मिलेगी, वो इसे जलाने की कार्रवाई को अंजाम देंगे।

Edited By: Amit Singh