बरेली [साजिद रजा खां]। सेना की 246 आर्मी एविएशन बेस से उड़ान भरने वाला चीता हेलिकॉप्टर चीनी सैनिकों की टोह लेने उड़ा था। सीमा का चक्कर लगाने के बाद चीता एविएशन बेस के करीब तक पहुंच चुका था, इतने में तकनीकि खराबी आ गई। बताया जाता है कि अचानक हेलिकॉप्टर के पंख टूट गए। इस बीच फ्यूल बटन न दबने से आग लग गई, जिसके चलते बड़ा हादसा हो गया।

भारत-चीन सीमा पर करीब 15 दिनों से तनाव बना हुआ है। मंगलवार रात चीनी सैनिकों के सीमा पर फायरिंग करने की सूचना थी। इसी कारण थलसेना-वायुसेना ने बुधवार सुबह अलर्ट जारी कर सेना के यूबी एरिया स्थित 246 आर्मी एविएशन बेस से अफसरों को चीता हेलिकॉप्टर से हालात पर नजर रखने को भेजा था। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने मौसम खराबी के कारण शाहजहांपुर रोड स्थित आर्मी एविएशन बेस से डेढ़ घंटे बाद 07.40 बजे हेलिकॉप्टर को उड़ाने भरने की इजाजत दी। एटीसी के निर्देश मिलते ही सेना की 39 आर एंड ओ फ्लाइट यूनिट के जांबाज पायलट मेजर अभिजय थापा, इंजीनियर मेजर विकास बरयानी और सहायक पायलट कैप्टन अविनाश यशवंत सोमवंशी ने चीता हेलिकॉप्टर से आसमान में उड़ान भरी।

सीमा से वापस लौटते समय हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई। जांबाजों ने तुरंत इसकी जानकारी एटीसी को दी। हेलिकॉप्टर को एविएशन बेस में जल्द पहुंचाने की कवायद हो रही थी। भरतौल तक पहुंच भी गए थे मगर इस बीच हेलिकॉप्टर के पंख टूट गए। यह देखकर पायलट ने फ्यूल बटन दबाकर आसमान में ईधन उड़ाने का प्रयास किया, मगर तकनीकी दिक्कत के कारण बटन नहीं दब सका। ईधन होने के कारण जमीन पर लैंडिंग करते वक्त आग लग गई। वहीं सेना के अफसर चीता हेलिकॉप्टर से अभ्यास की बात कह रहे हैं।

सीमा पर तनाव के बीच चीनी सैनिकों के फायरिंग की थी सूचना

बरेली से चीन की सीमा काफी नजदीक होने के कारण थलसेना और वायुसेना निगरानी करती है। थलसेना के चीता हेलिकॉप्टर से जांबाज अफसर समय-समय पर निगरानी करते रहते हैं। बरेली में सेना का उत्तर भारत मुख्यालय है, तो वहीं त्रिशूल एयरबेस, आइटीबीपी और बीएसएफ कैंप होने से काफी महत्वपूर्ण हैं।

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Edited By: anand raj