संदीप राजवाड़े। नई दिल्ली। 

हाल ही अहमदाबाद के यशस्वी ने ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए लैपटॉप मंगवाया और डिलीवरी के दौरान बॉक्स खोला तो उसमें साबुन के टुकड़े निकले। पिछले हफ्ते बिहार के चैतन्य कुमार ने ऑनलाइन शॉपिंग से ड्रोन मंगवाया, जब डिलीवरी हुई तो बॉक्स से ड्रोन की जगह एक किलो आलू निकला। ऑनलाइन शॉपिंग में इस तरह की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। यह घटना सिर्फ इन दोनों के साथ नहीं हुई है, रोज ऐसे हजारों लोग पीड़ित हो रहे हैं। जागरण डिजिटल की पड़ताल में सामने आया है कि ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों से ठगी और प्रोडक्ट में खामियों की सबसे ज्यादा शिकायतें त्योहारी सीजन में ही सामने आती हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने इस पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। दिसंबर तक नया ई-कॉमर्स एक्ट लाया जा सकता है।

इस बारे में नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (एनसीएच) के आकंड़े चौकाने वाले हैं। पिछले 5 साल के दौरान ई-कॉमर्स को लेकर शिकायतें 2 गुना से ज्यादा बढ़ी हैं। हर साल फोरम में दर्ज होने वाली शिकायतों में सबसे अधिक ई-कॉमर्स की ही होती है। जब ऑनलाइन कंपनियां मेगा फेस्टिवल ऑफर लाती हैं तो उन दिनों सबसे ज्यादा उपभोक्ताओं के साथ ठगी होती है। कंपनियों से शिकायत के बाद भी अधिकतर लोगों को राहत नहीं मिल पाती है। जागरण डिजिटल बता रहा है कि अगर आपके साथ ऐसी घटना हो तो कैसे और कहां शिकायतें करें जिससे आपको समाधान मिल पाए। 

त्योहार के समय बिग ऑफर, इस दौरान ही सबसे ज्यादा केस मिले

नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (एनसीएच) की पिछले कुछ सालों की वार्षिक रिपोर्ट में पाया गया कि उपभोक्ताओं के साथ ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए होने वाली ठगी या खराब सामान डिलीवरी के ज्यादा केस बिग सेल के दौरान ही होते हैं। दशहरा-दिवाली के पहले तमाम ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के बिग सेल या ऑफर आते हैं। इसके अलावा साल के आखिरी महीने दिसंबर या शुरूआत जनवरी में कुछ कंपनियां बड़ी छूट देती हैं। 5 साल की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त, सितंबर और अक्टूबर महीने में ही सबसे ज्यादा एनसीएच के पास शिकायतें रजिस्टर्ड होती हैं। इसके अलावा कुछ सालों में दिसंबर, जनवरी और होली के दौरान फरवरी-मार्च में भी शिकायतें ज्यादा आई हैं। 

छत्तीसगढ़ उपभोक्ता फोरम के सीनियर एडवोकेट राकेश कुमार भावनानी बताते हैं कि पिछले कुछ सालों के दौरान हर वर्ग में ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज बढ़ा है। कोरोना के बाद तो इसमें काफी बढ़ोतरी हुई है। खरीदारी बढ़ने के साथ ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए होने वाले फ्रॉड और गलत या खराब सामान की डिलीवरी के मामले भी बढ़े हैं। एनसीएच की रिपोर्ट में कुछ खास महीने में ही सबसे ज्यादा शिकायतें आने का सीधा मतलब यह है कि त्योहारी सीजन में जब-जब ये कंपनियां बिग सेल या छूट देने का दावा करती हैं, उस दौरान ही अधिक शॉपिंग होती है और ऐसे मामले भी सामने ज्यादा आते हैं।

शिकायत के बाद कुछ ग्राहकों को ही राहत

केस 01- सितंबर 2022- बिग सेल में लैपटॉप मंगवाने पर साबुन, कंपनी मुकरी

अहमदाबाद आईआईएम के छात्र यशस्वी शर्मा ने एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के मेगा सेल में पैसे का भुगतान करते हुए लैपटॉप ऑर्डर किया। जब पॉर्सल डिलीवरी हुई तो उनके पिता ने रिसीव किया। बाद में बॉक्स खोला तो उसमें लैपटॉप की जगह साबुन की टिकिया निकली। बॉक्स खोलने का पूरा वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया। यशस्वी ने इसकी शिकायत कस्टमर केयर से की लेकिन कंपनी ने नो रिटर्न पॉलिसी का हवाला देते हुए गलती मानने से इंकार कर दिया। इसके यह केस सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ। 

केस 02- अक्टूबर 2021- आईफोन की जगह साबुन, शिकायत के बाद रिफंड

दिल्ली के सिमरनपाल सिंह ने एक ई-कॉमर्स कंपनी से 51999 रुपए का आईफोन-12 ऑर्डर किया। बिग मेगा सेल के दौरान किए गए इस ऑर्डर में जब सामान की डिलीवरी की गई तो उसमें दो साबुन की टिकिया निकली। उन्होंने बॉक्स ओपन का वीडिया बनाया और ओटोपी भी सामान खोलने के पहले नहीं बताया। उन्होंने तत्काल कस्टमर केयर से शिकायत करने के साथ वीडियो शेयर किया। कंपनी ने गलती मानी और पैसा रिफंड हुआ। 

केस 03- सितंबर 2022- डिलीवरी बॉय के सामने ही ड्रोन की जगह आलू निकला

बिहार के परवलपुर के चैतन्य कुमार ने एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी से 10,212 रुपए का ड्रोन मंगवाया। फेस्टीवल सीजन ऑफर में ड्रोन पर काफी छूट मिल रही थी। जब डिलीवरी आई तो बॉक्स में ड्रोन की जगह 10 आलू निकले। यहां चैतन्य ने समझदारी यह कि उन्होंने डिलीवरी कर्मचारी के सामने ही बॉक्स खोला और उसकी रिकार्डिंग की। इसके बाद कंपनी के साथ पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है।

केस 04- फरवरी 2021- लैपटॉप की जगह चॉकलेट आया

आगरा के अमित गोयल ने एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी एप के जरिए 55495 रुपए का लैपटॉप ऑर्डर किया। डिलीवरी की गई तो बॉक्स में चॉकलेट निकला और डिलीवरी कर्मचारी मौके से भाग गया। अमित ने डिलीवरी का वीडियो बनाया। कंपनी ने शिकायत पर जांच कर 3 दिन फिर 7 दिन में पैसा रिफंड का कहा। इसके बाद कंपनी ने फोन रिसीव करना बंद कर दिया। अमित ने सोशल मीडिया पूरा वीडियो शेयर किया और तब कंपनी ने खुद फोन किया। इसके बाद पैसा भी रिफंड किया।

केस 05- अप्रैल 2022- साउंड सिस्टम का ऑर्डर आया कबाड़

रेवाड़ी के सुनील मूसेपुर ने एक ई-कॉमर्स कंपनी से 30 हजार रुपए का साउंड सिस्टम ऑर्डर किया। कुछ दिन बाद जब उन्हें सामान डिलीवरी हुई तो बॉक्स में साउंड सिस्टम की जगह कबाड़ निकला। उन्होंने डिलीवरी कर्मचारी के सामने ही बॉक्स खोला। इसके बाद उन्होंने कंपनी और पुलिस दोनों से शिकायत की। इसके बाद कंपनी की तरफ से पैसा लौटाया गया।

केस 06- अक्टूबर 2019- मोबाइल की जगह साबुन, रिकॉर्डिंग कर शिकायत

नोएडा की अंशिता ने ऑनलाइन शॉपिंग से 28 हजार रुपए का मोबाइल ऑर्डर किया। कंपनी की तरफ से पार्सल डिलीवरी करने आए कर्मचारी के सामने ही दूसरे मोबाइल से अंकिशा ने बॉक्स ओपन करने की रिकॉर्डिंग की। बॉक्स खोलने पर उसमें मोबाइल की जगह साबुन की टिकिया निकली। बॉक्स में चार्जर जरूर था लेकिन मोबाइल नहीं। इसकी शिकायत कंपनी और पुलिस से की गई। कुछ दिन बाद जाकर कंपनी की तरफ से पैसा रिफंड हुआ। 

ई-कॉमर्स के साथ बैंकिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट टॉप पर

एनसीएच में उपभोक्ताओं की तरफ से प्रोडक्ट को लेकर की जाने वाली शिकायतों में पिछले 5 साल से ई-कॉमर्स ही टॉप पर है। एक तिहाई शिकायतें इसी की पहुंचती हैं। इसके बाद टॉप 5 की बात करें तो दूसरे नंबर पर बैंकिंग, तीसरे नंबर पर टेलिकॉम, चौथे नंबर पर इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट और पांचवें स्थान पर डीटीएच सर्विस व डिजिटल पेमेंट मोड हैं। 

हर साल सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली के

एनसीएच के पास शिकायतों में हर साल महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल जैसे राज्य ही टॉप में रहते हैं। टॉप 10 में राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, बिहार और मध्य प्रदेश के नाम भी शामिल हैं। एनसीएच को मिलने वाली कुल शिकायतों में से हर साल सबसे ज्यादा महाराष्ट्र की तकरीबन 13-15 फीसदी हिस्सेदारी रहती है। इसके अलावा यूपी से भी 13-15 फीसदी, दिल्ली से 9 से 12 फीसदी होती है। टॉप 5 में शामिल राज्यों में राजस्थान, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और गुजरात से 5- 7 फीसदी तक शिकायतें दर्ज कराई जाती हैं। 

समाधान- 

उपभोक्ता हेल्पलाइन पर करें शिकायत

केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव रोहित कुमार सिंह के बताया कि ग्राहक कॉल से लेकर एसएमएस, ऑनलाइन, चैट और सीधे कॉल करके भी शिकायत कर सकता है। ग्राहक द्वारा जब शिकायत दर्ज कराई जाती है तो हम संबंधित कंपनी को भी वह सीधे भेज देते हैं। अभी ई-कॉमर्स से जुड़ी 654 कंपनियों को जोड़ा गया है। जिस कंपनी की सर्विस से संबंधित उपभोक्ता की शिकायत आती है, वैसे ही उस कंपनी को जोड़ दिया जाता है। हमारी रिकॉर्डिंग के साथ उनके पास भी तत्काल शिकायत पहुंच जाती है और उन्हें उसका समाधान करके एक समय सीमा के अंदर बताना भी होता है। ऐसा न करने पर विभाग की तरफ से मॉनिटरिंग के साथ रिमाइंडर भी भेजा जाता है। इसके बाद भी कंपनी की सर्विस से ग्राहक खुश नहीं है या समाधान सही तरीके से नहीं किया गया है तो उपभोक्ता फोरम में कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कराकर न्याय ले सकते हैं। 

कंज्यूमर हेल्पलाइन एप, फोन, ई-मेल, वेब, SMS से करें सपर्क- 

किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस को लेकर किसी भी तरह की परेशानी, दिक्कत या गलत सामान को लेकर कोई भी उपभोक्ता नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन से सीधे शिकायत दर्ज करा सकता है। नीचे लिखे माध्यम के अलावा ग्राहक पत्र भेजकर, खुद दफ्तर आकर और वेब चैट जरिए भी अपनी शिकायत लिखवा सकते हैं। 

एप- UMANG APP या NCH APP या CONSUMER APP

टोल फ्री नंबर- 1800-11-4000 या short code 14404

एसएमएस- 8130009809

वेबसाइट-www. consumerhelpline.gov.in

पोर्टल- www.pgportal.gov.in 

ओपन बॉक्स डिलीवरी का लें ऑप्शन, डिलीवरी के वीडियो-फोटो के सबूत रखें

- ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान सामान की डिलीवरी के समय जांच करें। 

- कंपनियों से ओपन बॉक्स डिलीवरी ऑप्शन लें और कर्मचारी के सामने पैकेट खोले। 

- सामान की डिलीवरी होने पर उसे खोलने का वीडियो जरूर बनाएं। 

- गलत सामान की डिलीवरी होने पर कर्मचारी के सामने ही उससे कागज पर साइन कराएं।

- कंपनी के ग्राहक सेवा या हेल्पलाइन पर जाकर तत्काल शिकायत करें। 

- कंपनी से शिकायत के दौरान गलत सामान डिलीवरी के फोटो-वीडियो के सबूत दें।

- ई-कॉमर्स फर्म के साथ तत्काल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे कंपनी पर कार्रवाई हो व मॉनिटरिंग भी। 

- गूगल में अलग-अलग ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के हेल्पलाइन या कस्टमर केयर नंबर पर भूलकर भी कॉल न करें। कंपनी के एप या वेबसाइट पर जाकर नंबर जांचे।

- ई-कॉमर्स कंपनी में शिकायत के बाद भी पैसा रिफंड या सामान नहीं लौटाया जा रहा है तो कंज्यूमर हेल्पलाइन में जरूर शिकायत करें।  

शॉपिंग कंपनियों की ग्राहक सेवा पर तत्काल शिकायत करें

अमेजन- अमेजन के जरिए शॉपिंग करने के दौरान सामान या डिलीवरी को लेकर किसी भी तरह की समस्या होने पर वेबसाइट या एप के माध्यम से शिकायत की जा सकती है। इनकी तरफ से सहायता व सेटिंग ऑप्शन में क्लिक करना होगा, वहां ग्राहक सेवा का ऑप्शन दिखाई देगा। इसमें जाकर आप अपने ऑर्डर को चेक करने के साथ रिटर्न, रिफंड, पता, अकाउंट मैनेज करने के साथ अन्य सेवा ले सकते हैं। रिफंड या रिटर्न से जुड़ी समस्या को लेकर उस लिंक में क्लिक करने पर आप संबंधित ऑर्डर वाले प्रोडक्ट के बारे में जो समस्या है, उसे चुनकर संक्षिप्त में लिखकर अमेजन को भेज सकते हैं।

फ्लिपकार्ट- फ्लिपकार्ट वेबसाइट व एप के माध्यम से ग्राहक शिकायत कर सकते हैं। इसमें 24x7 कस्टमर सर्विस का ऑप्शन दिया जाता है। उसमें क्लिक कर ऑर्डर, रिटर्न-कैंसिल के साथ अन्य हेल्प विथ अदर इश्यू में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। डिलीवरी प्रोडक्ट को लेकर जो समस्या है, उसकी जानकारी कंपनी के एप या वेबसाइट में दिए ऑप्शन से दर्ज कराएं। इसके अलावा कुछ कंपनी की तरफ से ओपन बॉक्स डिलीवरी का ऑप्शन दिया जाता है। इससे डिलीवरी बॉय के सामने ही ओटीपी नंबर देने के पहले बॉक्स को खोलकर चेक करना होता है। 

मीशो- मीशो ऑनलाइन शॉपिंग में भी हेल्प सेंटर के नाम से ऑप्शन दिया गया है। इसमें क्लिक करने पर आपके संबंधित ऑर्डर से जुड़े इश्यू जैसे कि डिलीवरी, रिफंड, रिटर्न-एक्सचेंज समेत अन्य ऑप्शन दिखाई देते हैं। इसमें जिससे जुड़ी समस्या है, उस पर जाकर अपनी बात रख सकते हैं। 

(सभी ऑनलाइन कंपनियों की तरफ से शिकायत या ग्राहक सेवा के ऑप्शन दिए जाते हैं, जिसके जरिए समाधान हो सकता है)

दिसंबर तक आ सकता है नया ई-कॉमर्स एक्ट

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने दो साल पहले उपभोक्ता सुरक्षा (ई-कॉमर्स) नियम 2020 नोटिफाइ किए थे, जो 23 जुलाई 2020 को लागू हुए। केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव रोहित कुमार सिंह ने बताया कि भारत में ऑनलाइन शॉपिंग या ई-कॉमर्स को लेकर नया कानून आ रहा है। ई-कॉमर्स एक्ट 2022 देश में इसी साल दिसंबर तक लागू हो जाने की उम्मीद है। इसमें ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों की जिम्मेदारी के साथ ग्राहकों को आसानी से राहत मिले, इसे लेकर पूरे नियम-कानून बनाए गए हैं। अब हर कंपनी को ग्राहकों की शिकायत दर्ज कराने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर देना ही होगा। शिकायत के निपटारे के लिए हर कंपनी में एक जिम्मेदार व्यक्ति को रखना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही अन्य कुछ बदलाव किए गए हैं जो ग्राहकों के लिए सुविधाजनक होंगे। ऑनलाइन शॉपिंग को लेकर कंपनी व ग्राहकों के बीच पारदर्शिता रहेगी और कार्रवाई के साथ निगरानी रहेगी। 

Edited By: Sandeep Rajwade

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