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नई दिल्ली, एएनआइ। चंद्रयान- 2 के लैंडर विक्रम के साथ जल्द संपर्क स्थापित होने के लिए हर भारतीय प्रार्थना कर रहा है। सोमवार को नागपुर सिटी पुलिस ने ट्विटर के माध्यम से लैंडर विक्रम के लिए एक बहुत ही प्यारा संदेश जारी किया है। संदेश में पुलिस ने विक्रम से इसरो को सिग्नल भेजने का अनुरोध किया है। अब ये मैसेज सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।

नागपुर पुलिस ने लैंडर विक्रम को जवाब देने का अनुरोध करते हुए आश्वासन दिया है कि पुलिस सिग्नल तोड़ने के लिए उसका चालान नहीं काटेगी। नागपुर सिटी पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा, 'प्रिय विक्रम, कृपया जवाब दो, सिग्‍नल तोड़ने के लिए हम आपका चालान नहीं काटेंगे।'

नागपुर पुलिस ने पहले भी किया था ट्वीट
चंद्रयान-2 पर नागपुर पुलिस लगातार ही कुछ न कुछ ट्वीट कर रही है। इससे पहले लैंडर का संपर्क टूटने के बाद किए गए ट्वीट से भी उन्होंने सबका दिल जीता था। तब उन्होंने इसरो का हौसला बढ़ाते हुए लिखा था, 'प्रिय इसरो हमने सिर्फ संपर्क खोया है, उम्मीदें नहीं। हम आपके साथ हैं, भारत आपके साथ है। जय हिंद।'

वहीं, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस मैसेज की सराहना करते हुए ज्यादातर ट्विटर यूजर्स ने नागपुर पुलिस के सेंस ऑफ ह्यूमर की तारीफ की है। पोस्ट को 7,000 से अधिक रिट्वीट और 25,000 से अधिक लाइक्स मिले हैं।

नागपुर पुलिस की तारीफ
एक ट्विटर यूजर ने लिखा, नागपुर सही कहा आपने पुलिस, 133 करोड़ भारतीयों की उम्मीदें विक्रम से जुड़ी हुई हैं। नागपुर पुलिस आपका ट्वीट बेहतरीन है। वहीं, एक दूसरे यूजर में चुटकी लेते हुए कहा कि नागपुर पुलिस चिंता मत करिए विक्रम ने पहले से ही चालान का भुगतान करने के लिए लोन का आवेदन कर दिया है। एक ट्विटर यूजर ने नागपुर पुलिस की तारीफ करते हुए कहा, 'ग्रेट सेंस ऑफ ह्यूमर।

चांद की सतह पर है लैंडर विक्रम
दरअसल, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का शनिवार को चांद की सतह पर लैंड करने से कुछ मिनट पहले विक्रम लैंडर से संपर्क टूट गया था। लैंडर चंद्रमा की सतह से 2.1 किमी ऊपर था जब बेंगलुरु में इसरो मुख्यालय में ग्राउंड स्टेशन के साथ इसका संपर्क टूट गया था। हालांकि, इसरो ने ऑर्बिटर द्वारा भेजी गई थर्मल इमेज के माध्यम से पता लगाया की लैंडर चांद की सतह पर ही मौजूद है।

विक्रम के पूरी तरह सुरक्षित होने पर ही संपर्क संभव
इसरो के अधिकारी का कहना है कि विक्रम के सारे अंग सुरक्षित होने पर ही उससे संपर्क हो सकेगा। इसके बगैर दोबारा संपर्क बहुत मुश्किल है। यदि उसकी सॉफ्ट लैंडिंग होती और सारे सिस्टम काम करते तो ही उससे संचार संपर्क बहाल हो सकता है, जिसकी संभावना अभी बहुत कम है। हालांकि, इसरो के ही एक अन्य वैज्ञानिक ने कहा कि संपर्क बहाली की संभावना कायम है। इसरो ने पहले भी अंतरिक्ष यानों से संपर्क जोड़ा था। विक्रम का केस भी वैसा ही है।

ऑर्बिटर पर इसरो को गर्व
विक्रम से भले अभी संपर्क नहीं हो रहा है, लेकिन ऑर्बिटर पर उसे गर्व है। 2379 किलो वजनी यह यान चांद की कक्षा में चक्कर लगा रहा है। उसका तय जीवनकाल एक साल है, लेकिन उसमें मौजूद ईधन के दम पर वह लगभग सात साल काम कर सकेगा। इस ईधन की बचत चंद्रयान--2 मिशन की त्रुटि रहित, अचूक व ऊर्जा क्षम्य प्रबंधन के कारण हुई है। ऑर्बिटर के जरिए मिशन के 90 से 95 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिए जाएंगे और उसका चंद्र विज्ञान में अहम योगदान होगा।

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Posted By: Manish Pandey

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