'चंडीगढ़ की सुखना झील और यूपी की सौज झील बनीं नए रामसर स्थल', पर्यावरण मंत्रालय का बड़ा एलान
भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर अब 103 हो गई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार ...और पढ़ें

'चंडीगढ़ की सुखना झील और यूपी की सौज झील बनीं नए रामसर स्थल'
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पर्यावरण मंत्री ने कहा भारत में रामसर स्थलों की संख्या 103 हुई
चंडीगढ़ की सुखना झील और उत्तर प्रदेश की सौज झील रामसर स्थलों की सूची में शामिल
पीटीआई, नई दिल्ली। भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर अब 103 हो गई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को बताया कि चंडीगढ़ की सुखना झील और उत्तर प्रदेश की सौज झील को अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों या वेटलैंड की 'रामसर सूची' में शामिल कर लिया गया है।
रामसर स्थल, रामसर कन्वेंशन के तहत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियां होती हैं। यह पर्यावरण संधि 1971 में हुई थी। इसका उद्देश्य दुनियाभर में आर्द्रभूमियों के नुकसान रोकना और शेष आर्द्रभूमियों का विवेकपूर्ण उपयोग एवं बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
किसी आर्द्रभूमि को रामसर स्थल घोषित करने पर संबंधित देश उसके संरक्षण के लिए प्रबंधन व्यवस्था स्थापित करने और उसकी निगरानी करने की प्रतिबद्धता जताते हैं। सौज झील उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में है।
मैनपुरी से जागरण संवाददाता के अनुसार उत्तर प्रदेश में रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 14 हो गई है। मैनपुरी अब दो रामसर साइट वाला जिला बन गया है। इससे पहले समान पक्षी विहार को भी रामसर साइट का दर्जा मिल चुका है।
पर्यावरण मंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, भारत में रामसर स्थलों की संख्या 103 हो गई है। चंडीगढ़ की सुखना झील और उत्तर प्रदेश की सौज झील को रामसर स्थलों की सूची में शामिल किया गया है।
यह उपलब्धि देश के समृद्ध आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्रों (वेटलैंड इकोसिस्टम) के संरक्षण के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है। यह उपलब्धि इस बात को रेखांकित करती है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार आर्द्रभूमियों को कितना महत्व दे रही है।
