यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पूजा खेडकर के खिलाफ 'फाइनल' एक्शन, क्या नौकरी में वापसी की सभी उम्मीदें हो गईं खत्म?
Pooja Khedkar विवादित पूर्व आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। गौरतलब है कि ...और पढ़ें

HighLights
- 2023 बैच की अफसर पर चयन सुनिश्चित करने में धोखाधड़ी का आरोप।
- प्रशिक्षण के दौरान विशेषाधिकारों का दुरुपयोग करने की बात भी सामने आई।
पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पूजा खेडकर को तत्काल प्रभाव से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से बर्खास्त कर दिया है। 2023 बैच की आईएएस अफसर खेडकर पर चयन सुनिश्चित करने के लिए धोखाधड़ी करने और गलत तरीके से अन्य पिछड़ा वर्ग और विकलांग कोटा का लाभ लेने का आरोप लगाया गया है।
हालांकि, उन्होंने सभी आरोपों से इन्कार किया है। सूत्रों ने शनिवार को बताया कि केंद्र सरकार ने छह सितंबर 2024 के आदेश के तहत खेडकर को आईएएस (प्रोबेशन) नियम 1954 के नियम 12 के तहत तत्काल प्रभाव से भारतीय प्रशासनिक सेवा से बर्खास्त कर दिया।
क्या है नियम?
नियम केंद्र सरकार को प्रशिक्षु व्यक्तियों को सेवा से बर्खास्त करने की अनुमति देता है, अगर वह पुन: परीक्षा उत्तीर्ण करने में विफल रहता है या यदि केंद्र सरकार संतुष्ट है कि वह व्यक्ति सेवा में भर्ती के लिए अयोग्य था या सदस्य बनने के लिए अनुपयुक्त है।
यूपीएससी ने रद्द की थी उम्मीदवारी
इससे पहले संघ लोक सेवा आयोग ने 31 जुलाई को पूजा खेडकर की उम्मीदवारी रद्द कर दी थी और उन्हें भविष्य की परीक्षाओं से रोक दिया था। गौरतलब है कि खेडकर को भारतीय प्रशासनिक सेवा महाराष्ट्र कैडर आवंटित किया गया था।
उन पर पुणे में अपने प्रशिक्षण के दौरान शक्ति और विशेषाधिकारों का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया गया था। कदाचार के आरोपों की यूपीएससी द्वारा गहन जांच के दौरान गलत बयानी और गलत तथ्य पेश करने के मामले में जुलाई में दिल्ली पुलिस द्वारा उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया था।
