OBC क्रीमी लेयर मामले पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची केंद्र सरकार, फैसले पर अमल के लिए मांगा 2 साल का समय
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से ओबीसी क्रीमी लेयर से जुड़े फैसले को भविष्य से लागू करने का अनुरोध किया ...और पढ़ें

ओबीसी क्रीमी लेयर फैसले को भविष्य से लागू करने की अपील
HighLights
केंद्र ने ओबीसी क्रीमी लेयर फैसले को भविष्य से लागू करने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की याचिका पर विचार करने की सहमति दी।
भर्ती प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसलिए दो साल का समय मांगा।
डिजिटल डेस्क, पीटीआई। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि ओबीसी क्रीमी लेयर से जुड़े फैसले को भविष्य से लागू किया जाए, ताकि चल रही और पुरानी भर्ती प्रक्रिया प्रभावित न हो। शीर्ष अदालत ने गुरुवार को इस सिलसिले में केंद्र सरकार द्वारा दायर याचिका पर विचार करने पर सहमति जताई है।
सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को फैसला सुनाया था कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) या निजी क्षेत्र में काम करने वाले माता-पिता की सैलरी के आधार पर ओबीसी क्रीमी लेयर तय नहीं की जा सकती। पद और संपत्ति के मानदंडों को भी देखना होगा।
केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने अदालत से आग्रह किया कि इस फैसले को लागू करने के लिए दो साल का समय दिया जाए, ताकि पहले से चल रही और वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में कोई व्यवधान न आए।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने विधि अधिकारी की इस बात पर ध्यान दिया कि अलग-अलग हाई कोर्ट में इस फैसले से जुड़ी याचिकाएं दायर की गई हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने विभिन्न उच्च न्यायालयों से मामले को सुप्रीम कोर्ट या किसी एक हाई कोर्ट में स्थानांतरित करने के लिए याचिका दायर की है।
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से फैसले को सीमित रूप से और भावी तिथि से लागू करने की मांग की है। सरकार का कहना है कि इस फैसले को पिछली और वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रिया पर तत्काल लागू करने से ऐसे उम्मीदवारों की वरिष्ठता, कैडर आवंटन और नियुक्ति प्रभावित हो सकती है, जो इस मुकदमे में पक्षकार नहीं थे।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
