नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। गैर जरूरी उत्पादों के आयात पर रोक लगाने के क्रम में सरकार ने राष्ट्रीय ध्वज के आयात को भी प्रतिबंधित कर दिया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय की तरफ से जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि फ्लैग कोड ऑफ इंडिया में तय मानकों का पालन नहीं करने वाले राष्ट्रीय ध्वज को आयात नहीं किया जा सकेगा।

बताया जा रहा है कि चीन समेत कई अन्य देशों से तय मानकों का पालन नहीं करने वाले तिरंगे का आयात बहुतायत में हो रहा था। घरेलू उद्योग की तरफ से इसके खिलाफ शिकायत मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है।

क्या है फ्लैग कोड                            

फ्लैग कोड के मुताबिक तिरंगे को केवल हाथ से काते गये और बनाये गए ऊन, कॉटन, सिल्क खादी से ही बनाया जा सकता है। यही नहीं राष्ट्रीय ध्वज बनाने के लिए खादी ग्रामोद्योग कमीशन से स्वीकृत कपड़े का ही इस्तेमाल किया जा सकता है।

खादी ग्रामोद्योग कमीशन की बिक्री प्रभावित 

आमतौर पर चौराहों पर बिकने वाले राष्ट्रीय ध्वज या तो प्लास्टिक के बने होते हैं या फिर गैर खादी कपड़े के। इनसे खादी ग्रामोद्योग कमीशन की बिक्री भी प्रभावित हो रही थी।

2018-19 में 14 फीसद घटी बिक्री         

बीते वित्त वर्ष यानी 2017-18 में खादी ग्रामोद्योग कमीशन ने 3.7 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री की थी। लेकिन 2018-19 में यह बिक्री 14 फीसद घटकर 3.2 करोड़ रुपये रह गई। चालू वित्त वर्ष में इसके दो करोड़ रुपये से भी नीचे रहने का अनुमान है।

Posted By: Manish Pandey

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