नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद देश में टीकाकरण अभियान में तेजी आ गई है। दूसरे चरण में दो दिन के भीतर ही टीका लगवाने के लिए को-विन पोर्टल पर 50 लाख से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। टीकाकरण अभियान को और गति देने के लिए सरकार ने निर्धारित मानदंडों का पालन करने वाले सभी निजी अस्पतालों को भी टीका लगाने की अनुमति दे दी।

सोमवार से शुरू हुए दूसरे चरण में 60 साल से ज्यादा और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त 45 से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना रोधी टीका लगाया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार रात जारी बयान में कहा कि सभी निजी अस्पतालों को कोरोना टीकाकरण केंद्र के रूप में काम करने की अनुमति दे दी गई है, बशर्ते कि उनके पास टीका लगाने वाले पर्याप्त कर्मचारी, लाभार्थियों को निगरानी में रखने के लिए समुचित व्यवस्था, कोल्ड चेन, और टीका लगाने के बाद प्रतिकूल प्रभाव वाले लोगों के इलाज की पर्याप्त व्यवस्था हो।

मंत्रालय ने राज्य और केंद्र सरकारों से टीकाकरण अभियान में तीन स्वास्थ्य योजनाओं के पैनल में शामिल और निर्धारित मानदंडों का पालन करने वाले निजी अस्पतालों की क्षमता का अधिकतम उपयोग करने को कहा है। इन योजनाओं में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई), केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) और राज्य स्वास्थ्य बीमा योजना शामिल हैं। अभी तक टीकाकरण अभियान में 26,000-27,000 अस्पताल शामिल हैं, जिनमें 12,500 निजी क्षेत्र के अस्पताल हैं।

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और टीका प्रशासन (को-विन) के चेयरमैन डॉ. आरएस शर्मा ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिवों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई उच्च स्तरीय बैठक में उक्त जानकारियां साझा की। राज्यों से यह भी कहा कि वो वैक्सीन का भंडारण नहीं करें, क्योंकि इसकी कोई कमी नहीं है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि मंगलवार शाम सात बजे तक लाभार्थियों को वैक्सीन की कुल एक करोड़ 54 लाख 61 हजार 864 डोज दी जा चुकी है। इनमें पहली डोज लेने वाले 67,32,944 और दूसरी डोज लेने वाले 26,85,665 स्वास्थ्यकर्मी, पहली डोज लेने वाले 55,47,426 और दूसरी डोज लेने वाले 826 फ्रंटलाइन वर्कर्स भी शामिल हैं। इसके अलावा इनमें 60 से अधिक उम्र के 4,34,981 और गंभीर रोग से ग्रस्त 45 साल से ज्यादा आयु के 60,020 लाभार्थी भी शामिल हैं। मंगलवार को कुल 6,09,845 लोगों को वैक्सीन दी गई। इनमें 5,21,101 को पहली और 88,744 लाभार्थियों को दूसरी खुराक दी गई।

आरएस शर्मा ने बताया कि दूसरे चरण में सोमवार को सुबह रजिस्ट्रेशन शुरू होने के बाद से को-विन पोर्टल पर 50 लाख से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत ज्यादा हो सकती है, क्योंकि एक मोबाइल नंबर से चार रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी गई है। जबकि, रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों की गिनती सिर्फ मोबाइल नंबर के आधार पर की जा रही है। वहीं, राजेश भूषण ने कहा कि अभी तक सुबह नौ से शाम पांच बजे तक ही टीका लगाने की अनुमति दी गई थी। अब इस समय सीमा को खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर अस्पतालों के पास हर तरह की पर्याप्त व्यवस्था है तो वो राज्य सरकार की सलाह से शाम पांच बजे के बाद भी टीकाकरण कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आरोग्य सेतु जैसे प्लेटफार्म के जरिये भी टीका लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन और स्लाट की बुकिंग कराई जा सकती है।

को-विन पर डाटा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि को-विन के पहले संस्करण में शुरू में कुछ गड़बड़ी सामने आई थी, लेकिन इसके दूसरे संस्करण को-विन2.0 में अभी तक किसी तरह की परेशानी सामने नहीं आई है। सरकार इस पर लगातार नजर रख रही है। डाटा की सुरक्षा और उसे किसी भी तरह के साइबर हमले से बचाने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। लाभार्थियों के सिर्फ नाम, आयु और लिंग की जानकारी ली जा रही है, क्योंकि लोगों को दूसरी डोज भी दी जानी है।

हर्षवर्धन, राजनाथ और रविशंकर ने भी लगवाया टीका

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और उनकी पत्नी ने दिल्ली हर्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट में टीका लगवाया। हर्षवर्धन से पहले उनकी पत्नी नूतन गोयल को टीका लगाया गया। उन्होंने लोगों से भी टीका लगवाने की अपील की और कहा कि वैक्सीन को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दिल्ली में सेना के आरआर अस्पताल में टीका लगवाया। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी पटना में कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली। उन्होंने पटना एम्स में स्वदेशी कोवैक्सीन लगवाई और उसके लिए 250 रुपये भी दिए, जबकि सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में टीका लगाया जा रहा है।

कर्नाटक में मंत्री के घर में टीका लगवाने पर विवाद, केंद्र ने मांगी रिपोर्ट

कर्नाटक के कृषि मंत्री बीसी पाटिल मंगलवार को अस्पताल की जगह अपने घर में टीका लगवा कर विवादों में घिर गए। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने तो उनके इस कदम की आलोचना की ही है, केंद्र सरकार ने भी रिपोर्ट तलब की है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, 'प्रोटोकाल में इसकी अनुमति नहीं है। हमारे संज्ञान में यह बात आई है और इस पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी गई है।' पाटिल ने सरकारी अस्पताल के डॉक्टर को अपने घर बुलाया, जहां उन्हें और उनकी पत्नी को टीका लगाया गया।

अभिनेता कमल हासन ने लगवाया टीका

अभिनेता कमल हासन ने भी चेन्नई में एक अस्पताल में टीका लगवाया। उन्होंने ट्वीट किया, 'मैंने श्री रामचंद्र अस्पताल में टीका लगवाया है। जिन्हें अपने साथ ही दूसरों की फिक्र है, उन्हें टीका लगवाना चाहिए।' केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा, आंध्र प्रदेश के राज्यपाल बिश्वभूषण हरिचंदन और उनकी पत्नी सुपर्व हरिचंदन ने भी वैक्सीन की पहली डोज ली है। कोटक म¨हद्रा बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ उदय कोटक ने भी मंगलवार को टीके की पहली खुराक ली।

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