नई दिल्ली, जासं। ऑनलाइन गेम वेबसाइटों पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में जवाब दाखिल किया है। केंद्र ने कहा कि ऐसे कई कार्ड गेम हैं, जिन्हें कई राज्यों में आंशिक या फिर पूर्ण अनुमति दी गई है। ऐसे में इन वेबसाइटों को ब्लॉक करना मुश्किल है।

मुख्य न्यायमूर्ति डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर पीठ के समक्ष मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (एमईआइटीवाइ) ने कहा कि पहले यह निर्धारित करना होगा कि वेबसाइटों पर खेल कौशल का खेल है या फिर इन्हें ब्लॉक करने के लिए गैंब¨लग (जुआ) की बात फैलाई जा रही है। वहीं, दिल्ली सरकार ने पीठ के समक्ष कहा कि वह वेबसाइटों के खिलाफ कार्रवाई तभी कर सकती है, जब वह राष्ट्रीय राजधानी में हो। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने हलफनामे में कहा कि उसने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत ऐसे हर तरह के लेन-देन पर रोक लगाई है जो विदेशी मुद्रा कानूनों के खिलाफ हैं।

जनहित याचिका में उन वेबसाइटों के संचालन को बंद करने की मांग की गई है जो लोगों को पोकर जैसे ऑनलाइन जुआ खेलने की अनुमति देती हैं। अदालत ने सभी पक्षकारों को निर्देश दिया कि वे याचिका को प्रस्ताव के तौर पर ऐसी वेबसाइट को प्रतिबंधित करने पर फैसला लें। सरकार फैसला लेते समय मनी लां¨ड्रग जैसे तथ्यों को भी दिमाग में रखे। इस मामले में दायर दो याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि अधिकांश वेबसाइटें देश के बाहर से संचालित की जा रही हैं और वे फेमा का उल्लंघन कर रही हैं।

Posted By: Nitin Arora

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