नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कभी तमिलनाडु से नेपाल तक रेड कारिडोर का दावा करने वाला नक्सलवाद अब अंतिम सांसें गिन रहा है और केंद्र व राज्य सरकारें इसके खिलाफ निर्णायक लड़ाई की तैयारी में जुट गई हैं। रविवार को दिल्ली में नक्सल प्रभावित 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों के सिमटते आधार का आंकड़ा देते हुए उनकी फडिंग पूरी तरह बंद करने, उनके फ्रंटल आर्गेनाइजेशन पर शिकंजा कसने और नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की गति को और तेज करने पर बल दिया।

नक्सलियों की फडिंग को रोकने के लिए रणनीति पर विचार

बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह, जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा, दूरसंचार व सूचना प्रौद्योगिकी तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों व गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। लगभग तीन घंटे तक चली बैठक में नक्सलियों की फडिंग को रोकने और फ्रंटल आर्गेनाइजेशन के खिलाफ कार्रवाई के लिए एनआइए और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी ) को केस सौंपने पर विचार किया गया। ध्यान देने की बात है कि पिछले कुछ वर्षो में ईडी ने नक्सल फडिंग के मामले में कई बड़े नक्सलियों की करोड़ों की संपत्ति जब्त की है। इसके साथ ही उन्हें फडिंग करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। बैठक में बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और झारखंड के मुख्यमंत्री और आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री मौजूद थीं। छत्तीसगढ़, बंगाल और केरल का प्रतिनिधित्व उनके वरिष्ठ अधिकारी कर रहे थे।

वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में आई 23 प्रतिशत की कमी

बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने नक्सली हिंसा को रोकने में केंद्र और राज्यों के साझा प्रयास से मिली सफलता का आंकड़ा पेश किया। उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में 23 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं मौतों की संख्या में 21 प्रतिशत की कमी आई है। अमित शाह ने कहा कि दशकों की लड़ाई में हम एक ऐसे मुकाम पर पहुंचे हैं, जिसमें पहली बार मृत्यु की संख्या 200 से कम है और यह हम सबकी साझा और बहुत बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई में कोई कमी नहीं आने दी चाहिए।

नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास योजनाएं पहुंचाने पर जोर

अमित शाह के अनुसार पिछले कुछ वर्षो में नक्सल प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित किए गए हैं। अब जरूरत इन इलाकों में विकास परियोजनाओं को तेजी से पहुंचाने की है। अमित शाह ने राज्यों के मुख्य सचिवों को हर तीन महीने पर पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय सुरक्षा बलों के प्रमुखों के बैठक करने की सलाह दी। शाह के अनुसार इस बैठक से नक्सलियों के खिलाफ आपरेशन की कई समस्याएं अपने-आप दूर हो जाएंगी।

ओडिशा में अब तीन जिलों तक सिमट कर रह गए नक्सली

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों के छात्रों की नीट, जेईई जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का आकलन किया जाना चाहिए और इसमें कमी को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। पटनायक ने बताया कि किस तरह से कभी ओडिशा के 70 प्रतिशत जिले नक्सल प्रभावित थे, लेकिन अब वे तीन जिलों तक सिमट कर रह गए है।

विकास को रफ्तार दे रही सरकार

अमित शाह ने बताया कि केंद्र ने नक्सली इलाकों में 17,600 किलोमीटर सड़क परियोजना को मंजूर किया है, जिनमें 9,343 किलोमीटर को पूरा किया जा चुका है। -नक्सली इलाकों में 2,343 मोबाइल टावर लगाए जा चुके हैं और अगले 18 महीने में 2,542 अतिरिक्त टावर लगाए जाएंगे। -1,789 डाकघर, 1,236 बैंक शाखाएं, 1,077 एटीएम लगाई गई हैं और 14,230 बैंकिंग प्रतिनिधि नियुक्त किए गए हैं। अगले एक वर्ष में 3,114 डाकघर और खोले जाएंगे। -युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) खोलने पर ध्यान दिया जा रहा है। कुल 234 ईएमआरएस स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 119 कार्यरत हैं।

Edited By: Ramesh Mishra