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'जेल जाएंगे ज्ञानेश कुमार', SIR पर चुनाव आयोग में मतभेद की रिपोर्ट के बाद संजय राउत ने बोला हमला

Published: Wed, 23 Sep 2026 12:53 PM (IST)

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे।

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत। (फाइल फोटो।)

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत। (फाइल फोटो।)

HighLights

  1. संजय राउत ने दावा किया मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे।

  2. दो चुनाव आयुक्तों ने SIR पर 14 बार आपत्ति जताई थी।

  3. राउत ने ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का आरोप लगाया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने बुधवार को दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे। यह दावा एक मीडिया रिपोर्ट के बाद किया गया जिसमें कहा गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के कदमों पर कई बार आपत्ति जताई थी।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में 14 बार चुनाव आयोग के कदमों पर आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को खत्म कर दिया है।

संजय राउत ने क्या कहा?

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे! उन्हें जाना ही होगा! उनके आका देश छोड़कर भाग जाएंगे!" नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में लोकतंत्र को बचाने की जरा भी इच्छा है तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, "ज्ञानेश कुमार को भी हटा दिया जाना चाहिए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर मोदी जी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं तो मैं राष्ट्रपति से अपील करता हूं कि वे सीईसी को हटा दें।" उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रपति कुछ नहीं करते हैं तो सेना प्रमुख को लोकतंत्र और देश को बचाने के लिए आगे आना चाहिए।

'किया गया देशद्रोह'

राज्यसभा सदस्य ने यह भी मांग की कि न्यायपालिका को मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लेना चाहिए। राउत ने कहा कि चुनाव आयोग में तीन आयुक्त होते हैं। सुखबीर संधू और विवेक जोशी ने शिकायत की थी कि उन्होंने 10 महीनों में 14 आपत्तियां उठाईं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। खासकर एसआईआर के फॉर्म 6 और अन्य मुद्दों पर।

राउत ने आगे कहा, "फिर भी ज्ञानेश कुमार ने इसे आगे बढ़ाया। कैबिनेट सचिव के पास शिकायत की गई थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।" उन्होंने आरोप लगाया कि कुमार ने यह देशद्रोह अमित शाह के कहने पर किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसी आपराधिक साजिश के कारण बीजेपी पश्चिम बंगाल और बिहार में चुनाव जीती। कुमार की वजह से ही बीजेपी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव भी जीती। गौरतलब है कि नवंबर 2024 में जब महाराष्ट्र चुनाव हुए थे तब ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे।

'सामने आया असली चेहरा'

न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए राउत ने दावा किया कि संधू और जोशी ने कुमार के खिलाफ बगावत की है। उन्होंने कहा, "देश सुखबीर संधू और विवेक जोशी का आभारी है। उन्होंने देश के सामने ज्ञानेश कुमार का असली चेहरा बेनकाब कर दिया है। उन्होंने गृह मंत्रालय का असली चेहरा भी सामने ला दिया है। जिस तरह से लोग चुनाव जीत रहे हैं और बेईमानी से काम कर रहे हैं।"

राउत ने आरोप लगाया, "10 महीनों में इन दो चुनाव आयुक्तों ने 14 आपत्तियां उठाईं। यह मामला कैबिनेट सचिव तक गया, अमित शाह तक गया। अमित शाह ने इसे दबा दिया।"

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