दवाओं की खुली बिक्री पर लगेगा लगाम, मेडिकल स्टोरों पर CCTV अनिवार्य करने की तैयारी में केंद्र सरकार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए सभी मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है।

मेडिकल स्टोरों पर अब सीसीटीवी से होगी प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री की निगरानी
HighLights
मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना होगा अनिवार्य।
प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की अवैध बिक्री पर लगेगी लगाम।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने औषधि नियमों में संशोधन का प्रस्ताव दिया।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश भर में प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की धड़ल्ले से बिक्री पर लगाम लगाने और उनकी निगरानी के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी मेडिकल स्टोरों पर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए 1945 की औषधि नियम में भी संशोधन किया जाएगा।
हालांकि मेडिकल स्टोर में सिर्फ सीसीटीवी कैमरे लगा देने से प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की बिक्री पर नजर कैसे रखेगी जाएगी और उसकी निगरानी का तंत्र कैसे काम करेगा यह स्पष्ट नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार अभी यह विचार विमर्श के चरण में है, बाद में निगरानी तंत्र का खाका भी तैयार किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार औषधि कानून में प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य बिना प्रिस्क्रिप्शन के शेड्यूल एच, एच1 और एक्स दवाओं की खुली बिक्री पर रोक लगाना है। ताकि इन दवाओं का उपयोग सिर्फ वही मरीज कर सकें, जिनकी इसकी जरूरत है और डॉक्टर ने उन्हें प्रिस्क्राइव किया है।
वैसे मंत्रालय प्रस्ताव लाने के पहले पर्याप्त सलाह मशविरा करने का भी दावा कर रहा है। उसके अनुसार प्रस्ताव पर पहले औषधि सलाहकार समिति और बाद में औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड के सदस्यों के बीच गहन विचार विमर्श हो चुका है। उसके बाद मंत्रालय में गहन विचार-विमर्श के बाद इसको मंजूरी देने का फैसला लिया गया।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं के खुली बिक्री पर लगाम लगाने के लिए सरकार कई तरह से उपाय कर रही हैं। लेकिन उनमें मुख्यतौर पर लोगों को जागरूक करना है ताकि वे बिना डाक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के ऐसी दवाओं का सेवन नहीं करें।
लेकिन इसके बावजूद ऐसी दवाओं की खुली ब्रिक्री को देखते हुए इसे रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे को एक अतिरिक्त नियामक सुरक्षा उपाय के रूप में अनिवार्य करने का प्रस्ताव किया जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार प्रस्तावित संशोधन सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए नियामक निगरानी और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है। वैसे मंत्रालय ने प्रस्तावित संशोधन पर सभी हितधारकों और आम जनता से आपत्तियां और सुझाव देने को कहा है।
एक वरिष्ठ अधकारी ने कहा कि इन सुझावों और आपत्तियों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद ही सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की पूरी प्रक्रिया को हरी झंडी दी जाएगी।
