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भ्रामक विज्ञापन CCPA सख्त, ब्रिटानिया पर लगाया एक लाख रुपये जुर्माना

Published: Mon, 26 Oct 2026 10:48 PM (IST)

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज पर भ्रामक विज्ञापन के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, क्योंकि ...और पढ़ें

सीसीपीए ने ब्रिटानिया पर लगाया एक लाख रुपये जुर्माना।

सीसीपीए ने ब्रिटानिया पर लगाया एक लाख रुपये जुर्माना।

HighLights

  1. सीसीपीए ने ब्रिटानिया पर भ्रामक विज्ञापन के लिए जुर्माना लगाया।

  2. 'होल व्हीट ब्रेड' में 62% गेहूं, जबकि दावा 100% का।

  3. 'मिस्टर चाय' पर भी जबरन सेवा शुल्क के लिए जुर्माना।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप भी ब्रिटानिया की ‘शत प्रतिशत होल व्हीट ब्रेड’ को पूरी तरह गेहूं के आटे से बना ब्रेड समझकर खरीदते हैं तो सतर्क हो जाएं।

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने भ्रामक विज्ञापन के लिए ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। ब्रेड में गेहूं की मात्रा केवल 62 प्रतिशत होने के बावजूद विज्ञापन में दावा किया गया कि ब्रेड शत प्रतिशत गेहूं से बना है।

सीसीपीए ने 22 अक्टूबर के अपने आदेश में कंपनी को सभी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (सोशल मीडिया सहित) पर इस विज्ञापन को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया। कंपनी को 15 दिन के भीतर अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी।

सीसीपीए ने इस मामले का स्वत: संज्ञान तब लिया, जब उसने देखा कि ब्रेड की पैकेजिंग पर गेहूं की मात्रा 62 प्रतिशत घोषित की गई है, जबकि विज्ञापनों में शत प्रतिशत का दावा किया गया है। आदेश में कहा गया, इस मामले में उत्पाद में केवल 62 प्रतिशत साबुत गेहूं है, इसके साथ ही इसमें चावल की भूसी सहित अन्य सामग्री भी है।

‘शत प्रतिशत होल व्हीट’ का दावा भ्रामक

‘शत प्रतिशत होल व्हीट’ का दावा भ्रामक है, क्योंकि इससे ऐसा लगता है कि ब्रेड पूरी तरह गेहूं से बना है और उसमें कोई अन्य सामग्री नहीं मिलाई गई है। जांच के दौरान कंपनी ने स्वीकारा कि ‘100 प्रतिशत गेहूं की ब्रेड’ में गेहूं का आटा केवल 62 प्रतिशत है। इसके बावजूद कंपनी ने यह दावा किया, जो उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से गुमराह करने वाला है।

सीसीपीए ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018 में ‘होल व्हीट’ शब्द से पहले ‘100 प्रतिशत’ लगाने का कोई प्रविधान नहीं है। ऐसे में किसी उत्पाद को गलत तरीके से ‘100 प्रतिशत होल व्हीट’ बताना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत भ्रामक है।

सीसीपीए ने कहा कि ब्रिटानिया ने कई विज्ञापनों में ‘शत प्रतिशत’ शब्द को प्रचार अभियान में इस्तेमाल किया। इस तरह के दावे का इस्तेमाल महज संयोग नहीं है। यह उपभोक्ताओं के मन में उत्पाद में किसी अन्य सामग्री की मिलावट नहीं होने की स्पष्ट धारणा पैदा करता है। सीसीपीए ने कंपनी की इस दलील को खारिज कर दिया कि उसका दावा केवल उत्पाद की गुणवत्ता बताने के लिए था।

जबरन सेवा शुल्क लगाने के मामले में ‘मिस्टर चाय’ पर जुर्माना

सीसीपीए ने खाने के बिल में जबरन 10 प्रतिशत सेवा शुल्क लगाने के मामले में दिल्ली स्थित शांगरी-ला इरोस होटल के रेस्तरां ‘मिस्टर चाय’ पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

सीसीपीए ने 22 अक्टूबर के अपने आदेश में रेस्तरां को कहा कि वह स्वतः या किसी अन्य नाम से सेवा शुल्क वसूलना बंद करे। आदेश मिलने के 15 दिन के भीतर अनुपालन रिपोर्ट जमा करने को भी कहा गया है।

सीसीपीए ने 30 मई और 10 जून, 2025 को मिली शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि रेस्तरां ने उनके बिल में जबरन 10 प्रतिशत सेवा शुल्क जोड़ा था। सीसीपीए ने 2022 के दिशानिर्देशों और दिल्ली हाईकोर्ट के 2025 के फैसले का हवाला दिया।

इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए शांगरी-ला इरोस नई दिल्ली के प्रवक्ता ने कहा कि होटल ने बिलिंग व्यवस्था की समीक्षा की है। एक अक्टूबर 2026 से होटल के सभी रेस्तरां और सेवाओं में सर्विस चार्ज लेना बंद कर दिया गया है। अब ग्राहकों के बिल में केवल सरकार द्वारा निर्धारित टैक्स ही जोड़े जाते हैं।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)