नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। सीबीआइ ने ग्रामीण विकास मंत्री गोपीनाथ मुंडे की मौत की जांच शुरू कर दी है। इसके लिए जांच एजेंसी ने अलग से एफआइआर दर्ज कर ली है और दिल्ली पुलिस से जांच से जुड़े सारे दस्तावेज सौंपने को कहा है। मुंडे की तीन जून को एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। मुंडे के परिजन और समर्थक हादसे के पीछे साजिश की आशंका जताते हुए हादसे की सीबीआइ जांच कराने की मांग कर रहे थे।

परिजनों और समर्थकों की ओर से उठाई गई मांग का पूर्व भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और राकांपा सुप्रीमो शरद पवार समर्थन किए जाने के बाद पिछले हफ्ते केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सीबीआइ को मुंडे की मौत की जांच करने के निर्देश दिए थे। राजनाथ सिंह के निर्देश के बाद सीबीआइ जांच केवल समय की बात थी। सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एफआइआर दर्ज करने के साथ ही दिल्ली पुलिस से जांच के दस्तावेज लेने की कवायद शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि जल्द हादसे से जुड़े ड्राइवर से पूछताछ की जाएगी। वैसे तो आरोपी की मर्जी के बिना उसका कोई भी वैज्ञानिक परीक्षण नहीं किया जा सकता, लेकिन जांच एजेंसी ड्राइवर से झूठ पकड़ने वाली मशीन पर बिठाकर पूछताछ करने की कोशिश करेगी। ताकि यह साफ हो सके कि वह हादसे के बारे में झूठ नहीं बोल रहा है। इसके साथ ही पिछले दो-तीन महीने के उसकी गतिविधियों की बारीकी से जांच की जाएगी, ताकि उसके संपर्को का विश्लेषण किया जा सके।

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