बिलासपुर, जेएनएन। छत्तीसगढ़ में भाजपा के कार्यकाल के दौरान समाज कल्याण विभाग के अधीन कथित तौर पर कागजी संस्था बनाकर की गई करीब एक हजार करोड़ के घोटाले में सीबीआइ ने केस दर्ज कर लिया है। मुकदमें में सात आइएएस अधिकारियों सहित 12 अधिकारियों को नामजद हैं। इसकी जानकारी सीबीआइ ने हाई कोर्ट को दी है। समाज कल्याण विभाग में संविदा कर्मचारी कुंदन सिंह की याचिका पर हाई कोर्ट ने सीबीआइ को सात दिनों में आरोपित अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू करने का निर्देश जारी किया था।

कुंदन ने अपनी याचिका में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मिली सूचनाओं को प्रमुख दस्तावेज के रूप में शामिल किया। बताया कि वर्ष 2004 से 2018 के बीच राज्य नि:शक्तजन स्रोत संस्थान फिजिकल रेफरल रिहेब्लिटेशन सेंटर के नाम से कागजी एनजीओ बनाकर सरकारी खजाने से करीब एक हजार करोड़ रुपये का घोटाला तत्कालीन आइएएस व राज्य सेवा संवर्ग के अधिकारियों ने किया है।

जनहित याचिका की सुनवाई जस्टिस प्रशांत मिश्रा व जस्टिस पीपी साहू की डिवीजन बेंच में हुई थी। डिवीजन बेंच ने घोटाले में फंसे सात आइएएस सहित 12 अधिकारियों के खिलाफ एक हफ्ते के भीतर एफआइआर दर्ज करने सीबीआइ को निर्देशित किया था। इन अधिकारियों में पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड, रिटायर्ड आइएएस व वर्तमान में सूचना आयुक्त एमके राउत, पूर्व सीएस सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल, आलोक शुक्ला, सतीश पांडेय, अशोक अग्रवाल, एमएल पांडेय, हेरमन खलखो व समाज कल्याण विभाग के संचालक पंकज वर्मा, अशोक तिवारी और पीसी सोठी शामिल हैं। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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